
लुणावा गांव में संतों से आशीर्वाद लेते श्रावक।
लुणावा में आचार्य जयानंद सूरिश्वर ने कहा कि जीवन में सब कुछ प्रभु के सहारे छोड़ देना चाहिए। इससे सभी कार्य बिना किसी विध्न के पूर्ण हो जाते है। वे शुक्रवार को पौष दशमी आराधना के पहले दिन नागेश्वर पार्श्वनाथ जैन तीर्थ, भद्रंकर नगर प्रवचन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भगवान की पूजा से दिन ही नहीं पूरा जीवन बेहतर हो जाता है। सुहस्ति सूरि के जीवन प्रसंग सुनाकर उन्होंने इस बात को समझाया। उन्होंने नीति के वाक्य का उल्लेख करके करते हुए कहा कि जो बलवान होता है, उससे झगड़ा मोल नहीं लेना चाहिए।
महोत्सव में शक्रस्तव महाभिषेक का विधान सूरत से आए संयम स्पर्श ने विभिन्न प्रकार की औषधियों के साथ गुलाब आदि फूलों से करवाया। अहमदाबाद से आई झरना बेन ने गांव सांझी मेहंदी के कार्यक्रम गीतों से सभी का मन मोह लिया। नाटय मंचन किया गया। रात में आयोजित भक्ति में मुंबई से आए संगीतकार विनीत गेमावत ने भक्ति गीत सुनाकर सभी का मनमोह लिया।
Published on:
06 Jan 2024 10:42 am
