
पाली. महाराणा प्रताप का ननिहाल कही जाने वाली पाली की जूनी कचहरी आज भी अश्वारूढ़ प्रतिमा को तरस रही है। सात साल पहले जब प्रताप की आदमकद प्रतिमा स्थापित कर इतिहास का एक नया बीज बोया गया तो एक मांग उठी कि महाराणा प्रताप चेतक बिन सूने हैं। यह मांग जन आंदोलन बनी और राजस्थान पत्रिका इनकी आवाज बना। अब अगले माह प्रताप जयंती पर समाजसेवियों और प्रताप जन्मस्थली समिति ने यह संकल्प लिया है कि जूनी कचहरी में प्रताप की अश्वारूढ़ प्रतिमा स्थापित हो।
चेतक आरूढ़ प्रताप के लिए संगठित हो रहे शहरवासी
करीब सात साल पहले जो मांग शहरवासियों की जुबां पर थी उसे कई सालों तक तवज्जों नहीं दी गई। अब एक बार फिर यह मांग उठने लगी है। इस बार भी समिति के अध्यक्ष शैतानसिंह सोनिगरा, सचिव चम्पालाल सिसोदिया और संरक्षक उगमराज सांड सहित अन्य लोग प्रयास कर रहे हैं। इस बार 16 जून को प्रताप जयंती पर होने वाले कार्यक्रम में यह प्रतिमा भी स्थापित हो।
पत्रिका की पहल पर एकत्रित हुए थे 3 लाख रुपए
महाराणा प्रताप की अश्वारूढ़ प्रतिमा स्थापित करने के लिए राजस्थान पत्रिका की पहल पर शहरवासियों ने तीन लाख से अधिक की राशि एकत्रित की। तब यह राशि नगर परिषद को सौंप दी गई। अब एक बार फिर समिति ने नगर परिषद और जिला प्रशासन से गुहार लगाकर इस राशि का आवंटन करने और करीब 12 लाख की कुल राशि एकत्रित करने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
शहरवासियों से जुटाएंगे बाकी की राशि
3 लाख की राशि जो पहले एकत्रित की गई है उसके अलावा करीब 9 लाख की राशि शहर के अलग-अलग संगठन और समाज के लोगों से एकत्रित करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए करीब 40 से अधिक समाज और संगठनों से सम्पर्क किया जा रहा है।
प्रतिमा के लिए मिलकर करेंगे प्र्रयास
यह राशि जिला कलक्टर के निर्देश पर नगर परिषद ने जमा की थी। अब एक बार फिर उनके निर्देश पर ही हम स्वीकृति जारी करेंगे। अश्वारूढ़ प्रतिमा लगनी चाहिए इसके लिए सभी मिलकर प्रयास करेंगे।
- महेन्द्र बोहरा, सभापति, नगर परिषद पाली।
संगठनों से जुटा रहे राशि
अगले माह प्रताप जयंती पर हम अश्वारूढ़ प्रतिमा स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं। शहरवासियों की ओर से एकत्रित राशि को मिलाकर अन्य संगठनों से भी राशि एकत्रित करने का प्रयास करेंगे।
- चम्पालाल सिसोदिया, सचिव, महाराणा प्रताप जन्मस्थली विकास समिति पाली।
Published on:
02 May 2018 01:44 pm
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