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पाली। जिले के सुमेरपुर उपखंड के तखतगढ़ नगर में रविवार को एक ऐसा भावुक और अनोखा संयोग देखने को मिला, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। जीवनभर साथ निभाने वाली दो बुजुर्ग सहेलियों ने इस दुनिया से भी लगभग एक साथ अलविदा कह दिया। इतना ही नहीं, उनका अंतिम संस्कार भी एक ही चिता पर किया गया, जो सच्ची मित्रता की अनोखी मिसाल बन गया।
जानकारी के अनुसार, तखतगढ़ के नागचौक स्थित देवासियों की गली में रहने वाली जेठी बाई पत्नी मालाराम कलबी का निधन हो गया। उनकी मौत की खबर जैसे ही उनकी पड़ोसी और वर्षों पुरानी घनिष्ठ सहेली भीखीबाई पत्नी भूराराम कलबी को मिली, वे गहरे सदमे में चली गईं। बताया जा रहा है कि अपनी सहेली के वियोग को सहन नहीं कर पाने के कारण कुछ ही समय बाद उनका भी निधन हो गया। इस घटना ने परिवार और मोहल्ले के लोगों को स्तब्ध कर दिया।
दोनों बुजुर्ग महिलाएं लंबे समय से एक-दूसरे की सहेली थीं और उनका आपसी स्नेह पूरे मोहल्ले में मिसाल माना जाता था। उनके निधन के बाद जब दोनों की शवयात्रा एक साथ श्मशान घाट पहुंची तो माहौल बेहद भावुक हो गया।
परिजनों और समाज के लोगों ने दोनों सहेलियों के अटूट रिश्ते को देखते हुए उनका अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया। यह दृश्य देखकर मौजूद सैकड़ों लोग भावुक हो उठे और कई की आंखों से आंसू छलक पड़े। दोनों सहेलियों के इस अनोखे संयोग को लेकर पूरे तखतगढ़ नगर में दिनभर चर्चा का माहौल रहा।
समाज बंधु और नगरवासी इस घटना को देखकर स्तब्ध रह गए और इसे सच्ची मित्रता की मिसाल बताया। इस हृदयस्पर्शी घटना ने यह साबित कर दिया कि सच्चा साथ केवल जीवन तक ही सीमित नहीं होता, बल्कि कई बार वह अंतिम यात्रा तक भी साथ निभाता है।
गौरतलब है कि इसी साल जनवरी में सीकर जिले के नवगठित ग्राम पंचायत घसीपुरा में 83 वर्षीय बिदामी देवी का निधन हो गया था। देवरानी के निधन का समाचार सुनकर सदमे में आई उनकी 89 वर्षीय जेठानी नारायणी देवी बजे मौत हो गई थी। बाद में सार्वजनिक मोक्षधाम में देवरानी व जेठानी का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया था।
Published on:
05 Apr 2026 07:20 pm
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