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Embezzlement : यहां सहकारी समिति व्यवस्थापक के खिलाफ करोड़ रुपए गबन का आरोप, मामला दर्ज

सेवानिवृत्ति के 22 माह बाद भी व्यवस्थापक को नहीं सौंपा चार्ज

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Embezzlement : यहां सहकारी समिति व्यवस्थापक के खिलाफ करोड़ रुपए गबन का आरोप, मामला दर्ज

Embezzlement : यहां सहकारी समिति व्यवस्थापक के खिलाफ करोड़ रुपए गबन का आरोप, मामला दर्ज

सुमेरपुर थाना क्षेत्र के बिसलपुर स्थित ग्राम सेवा सहकारी समिति के तत्कालीन व्यवस्थापक की ओर से सहकारी समिति का करोड़ रुपए के गबन कर रेकर्ड व दस्तावेज सेवानिवृत्ति के बाद भी वर्तमान व्यवस्थापक व अध्यक्ष को सुपुर्द नहीं करने को लेकर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के मार्फत मामला दर्ज करवाया है।

व्यवस्थापक महेंद्र सिंह व अध्यक्ष जोगेंद्रसिंह ने बताया कि व्यवस्थापक डूंगरसिंह देवड़ा 30 नवंबर 2021 को सेवानिवृत हुए। इसके बाद नए व्यवस्थापक महेंद्रसिंह देवड़ा को 18 दिसंबर 2021 को व्यवस्थापक नियुक्त किया। जिन्होंने 28 दिसंबर 2021 से समिति का कार्य शुरू किया । इससे पूर्व व्यवस्थापक में समिति की चेक बुक, पीसीसीबी एवं एमजीबी की चेक बुक नए व्यवस्थापक को दी थी, लेकिन पूर्व व्यवस्थापक डूंगरसिंह देवड़ा ने सहकारी समिति के रिकॉर्ड, कैश बुक, रसीदें, वाउचर, बिल, दैनिक बही, स्टॉक रजिस्टर व कार्रवाई संबंधित समस्त कार्यालय का रिकॉर्ड, तीन गोदाम की चाबियां, दो मुख्य कार्यालय की चाबियां, कैश बुक, बिल बुक ,खाद्य स्टॉक, रजिस्टर, प्रस्ताव रजिस्टर, रसीद बुक, लेजर किसाने की ऋण डायरिया, उचित मूल्य की दुकान का स्टॉक, रजिस्टर पूर्व की ऑडिट रिपोर्ट के कागजात, कंप्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर, सीपीयू, माउस , खाताबही ग्राम सहकारी समिति बीसलपुर का रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र, उचित मूल्य की दुकानों का प्राधिकार प्रमाण पत्र, (बैरवा, बिरोलिया, बीसलपुर) जीएसएस की डायरियां व समिति के अन्य दस्तावेज जमा नहीं करवाने को लेकर करोड़ों रुपए के गबन होने का आरोप लगाया।
व्यवस्थापक महेंद्र सिंह ने बताया कि अध्यक्ष जोगेंद्र सिंह देवड़ा ने कई कई बार चार्ज देने को कहा, लेकिन पूर्व व्यवस्थापक ने आज तक कोई चार्ज व सामग्री नहीं दी। उन्होंने समिति सामग्री व दस्तावेजों को अवैध रूप से अपने कब्जे में लेकर नष्ट करने का आरोप भी लगाया है। वर्तमान व्यवस्थापक के पास में सहकारी समिति से संबंधित रिकॉर्ड के दस्तावेजों व सामग्री के अभाव में ग्राम सहकारी समिति को चलाने व किसानों को ऋण देने में बाधा आ रही है।