बदलती जीवन शैली में लोग कई बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। इनमें अनिद्रा, स्लीप डिस्क, शरीर के किसी हिस्से में दर्द, सिर दर्द आम है। ऐसी बीमारियों में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति कारगर साबित हो रही है। आयुर्वेद के पंचकर्म में कई बीमारियों का उपचार तो सिर्फ दूध, छाछ, तेल आदि से ही कर दिया जाता है। शिरोधारा, नस्य कर्म, स्वेदन, बस्ती कर्म, जानू बस्ती, कटी बस्ती से उपचार करवाने के लिए जिलेवासियों के साथ अन्य जिलों से भी लोग पंचकर्म चिकित्सा केन्द्रों पर पहुंच रहे हैं। देश के कई हिस्सों में चल रहे पंचकर्म केन्द्रों पर तो विदेशों से भी लोग इन विधियों से उपचार कराने आ रहे हैं।
कई तरह की है थैरेपी
आयुर्वेद के पंचकर्म में कई थैरेपी हैं। कटिबस्ती से कमर दर्द, स्लीप डिस्क, जानू बस्ती से घुटनों व हड्डियों के दर्द तो ग्रिवा बस्ती से गर्दन दर्द आदि का उपचार किया जाता है। पाली जिले में जिला आयुर्वेद चिकित्सालय के साथ सादड़ी आयुर्वेद चिकित्सालय में पंचकर्म यूनिट है।
डॉ. शिवकुमार शर्मा, प्रभारी, जिला आयुर्वेद चिकित्सालय, पाली
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मुख्य थैरेपी, जिनसें इनका होता उपचार
शिरोबस्ती: सिर पर एक विशेष प्रकार का पात्र रखकर उसमें औषधीय तेल भरे जाते हैं। इससे पक्षाघात, अनिद्रा, बालों का गिरना व सफेद होना, तनाव, ग्रीवास्तम्भ आदि रोगों में लाभ।
शिरोधारा: मरीज के सिर पर दवा, छाछ, दूध, औषधीय तेल आदि की धारा गिराई जाती है। इससे अनिद्रा, अवसाद, मानसिक थकान, तंत्रिका तंत्र जनित रोग, नेत्र रोग आदि ठीक होते हैं।
बस्ती कर्म: गुदा, मूत्र व योनि मार्ग से दवा प्रवेश कराने की क्रिया। इसका प्रभाव पूरे शरीर पर होता है। इससे साइटिका, पक्षाघात, हृदय रोग, तंत्रिका जन्म विकार, कमर दर्द आदि में लाभ।
पत्र पिण्ड स्वेदन: औषधियों की पोटली को तेल में डुबाकर अभ्यरंग करते हैं। इससे मांसपेशी, स्नायु, तंत्रिका तंत्र, रक्त परिसंचरण तंत्र आदि रोगों में राहत मिलती है।
नस्य कर्म: इसमें औषधि नाक से दी जाती है। इससे मस्तिष्क, नेत्र, जीभ, दांत, कंठ, गला आदि के रोग सिरदर्द, सर्वाइकल-स्पोन्डीलाइटिस, बालों का झड़ना, जुकाम आदि में लाभ।
स्नेहन: मसाज से पैरालिसिस, हाथ-पैर दर्द, हड्डियों के दर्द में राहत मिलती है। इसमें अश्वगंधा, दशमूल जैसे तेलों की मालिश विशेष तरीके से की जाती है।
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पंचकर्म की ये हैं विधियां: शोधन, स्वेदन, वमन, विरेचन, बस्ती व समन
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टॉपिक एक्सपर्ट
अन्य जिलों से भी आ रहे मरीज
आयुर्वेद पद्धति में पंचकर्म थैरेपी से कई बीमारियों का उपचार किया जाता है। पंचकर्म में नाडी स्वेदन, सर्वांग शोधन आदि क्रियाएं करवाई जाती है। पंचकर्म के लिए पाली जिले के साथ अन्य जिलों से भी मरीज आते हैं। इस विधि से कई बीमारियों का उपचार होता है।
डॉ. जयराजसिंह शेखावत, वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक, जिला आयुर्वेद चिकित्सालय, पाली