
VIDEO : अब सिद्ध पीठ वल्लाल गणेश के दरबार में प्लास्टिक कैरी बैग में ले गए प्रसाद तो नहीं चढ़ेगा
पाली। पत्रिका के स्वर्णिम भारत अभियान [ Rajasthan patrika Golden India Campaign ] के तहत शहरवासियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता आ रही है। पाली के रेलवे स्टेशन रोड पर नागा बाबा बगेची स्थित सिद्ध पीठ वल्लाल गणेश मंदिर में अब प्रसाद व फूल सहित अन्य सामग्री चढ़ाने के लिए प्लास्टिक के कैरी बैग ले जाने पर श्रद्धालुओं प्रभु को भोग नहीं चढ़ा सकेंगे।
वहां के महंत सुरेश गिरी के साथ श्रद्धालुओं और बाहर स्थित मिष्ठान व फूल विक्रेताओं ने रविवार को पत्रिका के स्वर्णिम भारत अभियान से प्रेरित होकर यह निर्णय किया है। उनका कहना है कि प्लास्टिक पर्यावरण को तो नुकसान पहुंचाता है, इसके साथ ही कामधेनु (जिसमें सभी देवताओं का वास है) उसकी मृत्यु का भी कारण बनता है। उनका कहना था एक बार हम श्रद्धालुओं से प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने का कहेंगे। उसके द्वारा दूसरी बार ऐसा करने पर उसका प्रसाद या फूल माला आदि स्वीकार नहीं करेंगे।
...तो लौटा देंगे प्रसाद
नागा बाबा बगेची में प्लास्टिक का उपयोग कभी नहीं होगा। सभी दर्शनार्थी व भक्त प्लास्टिक की थैली में प्रसाद लाएगा तो उसे चढ़ाए बिना ही वापस कर दिया जाएगा। प्रसाद कपड़े की थैली या कागज में लाने का कहेंगे। -महंत सुरेश गिरी
प्लास्टिक बहुत खतरनाक
मंदिर में यूं तो हम प्लास्टिक का उपयोग नहीं करते है। कुछ श्रद्धालु प्लास्टिक कैरी बैग में मिष्ठान के डिब्बे आदि जाते है। उनको ऐसा करने से एक बार मना करेंगे। नहीं मानने पर प्रसाद को अस्वीकार करेंगे। -संत बालकगिरी
हम बनते हैं पाप के भागी
प्लास्टिक की वस्तुओं या कैरी बैग का उपयोग कोई नहीं बने। इसका उपयोग करने से हम पाप के भागी बनते है। हर दर्शनार्थी से प्लास्टिक कैरी बैग नहीं लाने का आग्रह करेंगे। उनका प्रसाद लौटाने का बापू से कहेंगे। -सतीश मून्दड़ा, दर्शनार्थी
गायों की हो जाती है मौत
मंदिर में कोई भी प्रसाद व सब्जी आदि प्लास्टिक के कैरी बैग में लाते है। उनको ऐसा नहीं करना चाहिए। यह प्लास्टिक हानिकारक है। इसे खाने से गायों की मौत तक हो जाती है। पर्यावरण को भी नुकसान होता है। -प्राची गुप्ता, दर्शनार्थी
कपड़े की थैली का करे उपयोग
प्रदूषण का बड़ा कारण प्लास्टिक है। महिलाएं प्लास्टिक की थैली ले जाती है। इसके स्थान पर कपड़े की थैली का उपयोग करना चाहिए। यह थैली मवेशियों के मरने का बड़ा कारण है। इसे सभी को समझना चाहिए। -अनिता गोस्वामी, दर्शनार्थी
ग्राहकों से करेंगे समझाइश
मंदिर के बाहर हमारी मिष्ठान की दुकान से किसी को प्लास्टिक कैरी बैग में मिष्ठान नहीं देंगे। ग्राहकों को यह बताएंगे कि प्लास्टिक के बजाय कपड़े या कागज की थैली का उपयोग करें। -नरेश, मिठाई विक्रेता
Published on:
23 Feb 2020 09:03 pm
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