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बांगड़ अस्पताल के दंत चिकित्सकों ने खराब दांत निकाल लगाया नया दांत

क्या हैं डेंटल इम्प्लांट नि:शुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर 15 को  

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बांगड़ अस्पताल के दंत चिकित्सकों ने खराब दांत निकाल लगाया नया दांत

पाली .बांगड़ अस्पताल में सोमवार को दंत चिकित्सकों ने एक मरीज का खराब दांत निकालकर ऑपरेशन कर नया दांत लगाया।

दंत चिकित्सक अनिरुद्ध शर्मा ने बताया कि पाली निवासी मरीज भेराराम (38) के बचपन में चोट लगने से ऊपरी जबड़ा के कुछ दांत खराब हो गए। जांच के लिए पहुंचा तो नया दांत लगाना ही बेहतर विकल्प लगा। इस पर सोमवार को साथी दंत चिकित्सक सुनील खत्री व रामनिवास कुमावत के साथ मिलकर मरीज का खराब दांत निकाल ऑपरेशन किया और नया दांत लगाया। डॉ. शर्मा ने बताया कि जोधपुर संभाग में बांगड़ अस्पताल ही एकमात्र सरकारी अस्पताल है, जहां डेंटल इम्प्लांट किया गया। इस चिकित्सा विधि से वृद्ध मरीज की बत्तीसी भी ऑपरेशन कर फिक्स की जा सकती है।

क्या हैं डेंटल इम्प्लांट

यह कृत्रिम दंत प्रत्यारोपण की अत्याधुनिक विधि है, जिसमें टाइटेनियम के स्कू्र को सावधानी से सर्जरी कर जबड़े की हड्डी में प्रत्यारोपित किया जाता है। यह फिक्स दांत होता है एवं सामान्य दांत की तरह ही काम करता है। बच्चों को छोड़कर कोई भी व्यक्ति इस विधि से कृत्रिम दांत लगवा सकता है।

नि:शुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर 15 को

पाली . पाली सेवा मण्डल व जिला अन्धता निवारण समिति की ओर से 15 फरवरी को पाली सेवा मण्डल नेत्र चिकित्सालय में सुबह नौ से एक बजे नि:शुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर लगाया जाएगा। सचिव विजयराज बम्ब ने बताया कि ललिता देवी साबू मेमोरियल ट्रस्ट नावां सिटी नागौर के सहयोग से लगने वाले शिविर में मरीजों को नि:शुल्क दवा दी जाएगी। मोतीबिंद के मरीजों के नि:शुल्क लैंस प्रत्योरोपित किए जाएंगे। मरीजों के भोजन व आवास की व्यवस्था संस्था की ओर से नि:शुल्क की जाएगी।

बांगड़ अस्पताल में बच्चों का नि:शुल्क उपचार

पाली. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना के अंतर्गत राजकीय विद्यालयों के मदरसों व आंगनबाड़ी केंद्रों में पढऩे वाले 1 से 18 वर्ष तक के बच्चों के लिए चिकित्सा शिविर लगाया गया। जिला बाल प्रजनन एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दीपक तंवर ने इसमें २13 बच्चों का पंजीकरण कर 174 बच्चों का उपचार किया गया। 14 बच्चों को राजकीय मथुरादास माथुर अस्पताल जोधपुर रैफर किया गया। ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीश पुनिया ने बताया कि बच्चों में जन्म दोष, बचपन की बीमारियां, शारीरिक कमियां व विकास, विकलांगता से संबंधित बीमारियों का इलाज शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. एस.एन स्वर्णकार, नाक-कान-गला विशेषज्ञ डॉ. नरपत सिंह राजपुरोहित, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विपुल नागर, दन्त रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिरुद शर्मा ने नि:शुल्क किया। इस दौरान आरबीएस के डॉ. ताहिर हुसैन, डॉ. शिव शंकर शर्मा, डॉ. सुमन मिठारवाल, डॉ. हंसा मोबारशा, नत्थूलाल बामणिया, ब्लॉक हैल्थ सुपरवाइजर, नरेंद्र कुमार ब्लॉक लेखाकार, प्रकाश बोराणा, हनुमान राम फार्मासिस्ट ने सेवाएं दी।