
देह का किया दान : देह त्यागने से पहले ही कह दिया था, देह से बच्चे करेंगे अध्ययन कर देना दान
पाली। मेरा अंतिम संस्कार करने के बजाय देह को मेडिकल कॉलेज में दान कर देना। मेरी देह से बच्चे अध्ययन करेंगे और उनका ज्ञान कई लोगों का जीवन बचाएगा। यह बात गायत्री नगर निवासी नेमीचंद भंडारी ने कई बार अपने मित्रों व पुत्रों को जीवन काल में कही। वे देहदान की घोषणा तो काफी समय पहले कर चुके थे। उनका गुरुवार को निधन होने पर शोक संतृप्त परिवार को उनकी बात याद नहीं रही तो उनके मित्र मनोज कोका ने याद दिलाया। इसके बाद रोटी बैंक के अध्यक्ष आनन्द कवाड़ व प्रदीप हिंगड़ ने परिजनों को प्रेरित किया और नेमीचंद भंडारी की देह का दान किया गया।
बेटियों ने दिया कांधा
नेमीचंद भंडारी के दो पुत्र व तीन बेटियां है। उनका निधन होने पर अंतिम यात्रा में बेटे लखपतराज भंडारी व राजेन्द्र कुमार भंडारी के साथ ही बेटी साधना सुराणा व मीना ललवानी ने पिता की अर्थी को कांधा दिया। उन सभी को इस बात पर गर्व था कि उनके पिता ने जीवन काल में सत्कर्म करने के साथ मृत्यु के बाद भी देह का दान कर अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। देह दान करवाने में राजू भाई मेड़तिया, संदीप सुराणा, रोशन सेमलानी, लखपत भंडारी, धर्मेंद्र कोठारी, जुगनू कोठारी प्रमोद कोठारी, शिव प्रकाश प्रजापत, अशोक मेहता, गरिमा, नंदू भाई, महावीर बोकाडिया, रजनीश कर्णावत, चंद्र प्रकाश मेहता आदि ने सहयोग किया।
मेडिकल कॉलेज में छठा देहदान
पाली में मेडिकल कॉलेज बनने के बाद से ही देहदान के लिए लोग आगे आए है। कॉलेज में गुरुवार को हुए देहदान से पहले पांच जने देहदान कर चुके हैं। मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. दीपक वर्मा ने बताया कि कॉलेज में देहदान से विद्यार्थियों को लाभ होगा। देहदान से पहले मेडिकल स्तर पर सभी जांच भी करवाई गई थी। नेमीचंद भंडारी ने दो माह पहले ही कोरोना की दोनों वैक्सीन भी लगवा ली थी।
Published on:
10 Jun 2021 08:14 pm
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