
deaf and dumb seminar: इन्होंने अक्षमता को बनाया अपनी शक्ति
दिव्यांग सेवा समिति की ओर से पाली सम्भाग स्तरीय मूक-बधिर सेमिनार रविवार को ठेकेदार भवन में आयोजित किया गया। इसमें मूक-बधिरों की समस्याओं व उनके समाधान को लेकर मंथन किया गया।मूक-बधिरों ने परम्परागत खेलों में उत्साह से भाग लिया। विजेताओं को पुरस्कार व स्मृति चिन्ह दिए गए।
अध्यक्ष मुकेश जांगलवा ने बताया कि भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार महानिदेशालय की ओर से संचालित नेशनल करियर सर्विस सेन्टर जयपुर से आए प्रतिनिधि मण्डल ने सेन्टर की योजनाओं के बारे में बताया। सेमिनार में तीस मूक-बधिरों का प्रशिक्षण व रोजगार के लिए चयन किया गया। मूक-बधिरों की ओर से भारत सरकार से उनकी सांकेतिक भाषा को मान्यता देने की मांग की गई।
सेमिनार में मंत्री घेवरचन्द आर्य ने कहा कि मूक-बधिर लोगों की ओर से प्रयुक्त सांकेतिक भाषा के साथ ही विश्व की अन्य सांकेतिक भाषाओं के लोगों के जीवन में योगदान और महत्व को प्रदर्शित करने के लिए यह दिन 23 सितंबर को मनाया जाता है। बोलने और सुनने में असक्षम लोग अपनी बात कहने के लिए हाथों और उंगलियों की विभिन्न मुद्राओं के माध्यम से संकेतों का इस्तेमाल करते हैं।
अतिथियों ने सहयोग का दिया आश्वासन
सेमिनार की अध्यक्षता पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता दिलीप परिहार, जयपुर से आए श्रम एवं रोजगार विभाग अधिकारी दयाराम वर्मा, अखिल भारतीय जांगिड़ ब्राह्मण महासभा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश जांगिड़ व गणपत भदोरिया ने की। अतिथियों ने सहयोग का आश्वासन दिया। इस मौके कोषाध्यक्ष विनोद कुमार जैन, सोहनराज बम्बोली, अशोक टांक, मोहनसिंह सिरोया गिरादडा, मो. शाहिद बाली, निखिल शर्मा, विक्रम कुमार, लक्ष्मी रांका, शालिनी जैन, राखी सैनी, पूजा गौराणा, वनिता जैन, मिनाक्षी आदि ने सहयोग किया।
Published on:
25 Sept 2023 10:19 am
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