
रोहट तहसील के कलाली गांव में दो पक्षो में हुए प्रकरण को लेकर दोनो पक्ष अपनी अपनी व्यथा जिला प्रशासन के सामने रखने के लिए उपस्थित हुए। एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के विरोध में कलक्टरी पंहुच कर नारेबाजी की। सरपंच सरदाराराम का कहना था कि उसके परिवारजन के विरूद्ध राजनीतिक कारणवश जो आरोप जलाए है वे बिल्कुल बेबुनियाद और झूठे है।जबकि दूसरे पक्ष का कहना है कि सरपंच के संरक्षण में अवैद्य बजरी खनन माफिया को बढावा देना है। और सरपंच हमारे लोगो को धमकाते और मारपीट करते है।

रोहट तहसील के कलाली गांव में दो पक्षो में हुए प्रकरण को लेकर दोनो पक्ष अपनी अपनी व्यथा जिला प्रशासन के सामने रखने के लिए उपस्थित हुए। एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के विरोध में कलक्टरी पंहुच कर नारेबाजी की। सरपंच सरदाराराम का कहना था कि उसके परिवारजन के विरूद्ध राजनीतिक कारणवश जो आरोप जलाए है वे बिल्कुल बेबुनियाद और झूठे है।जबकि दूसरे पक्ष का कहना है कि सरपंच के संरक्षण में अवैद्य बजरी खनन माफिया को बढावा देना है। और सरपंच हमारे लोगो को धमकाते और मारपीट करते है।

रोहट तहसील के कलाली गांव में दो पक्षो में हुए प्रकरण को लेकर दोनो पक्ष अपनी अपनी व्यथा जिला प्रशासन के सामने रखने के लिए उपस्थित हुए। एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के विरोध में कलक्टरी पंहुच कर नारेबाजी की। सरपंच सरदाराराम का कहना था कि उसके परिवारजन के विरूद्ध राजनीतिक कारणवश जो आरोप जलाए है वे बिल्कुल बेबुनियाद और झूठे है।जबकि दूसरे पक्ष का कहना है कि सरपंच के संरक्षण में अवैद्य बजरी खनन माफिया को बढावा देना है। और सरपंच हमारे लोगो को धमकाते और मारपीट करते है।

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