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केन्द्र सरकार के अध्यादेश के विरोध में सुमेरपुर मंडी में कारोबार रहा बंद

-प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम उपखण्ड अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

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पाली

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Suresh Hemnani

Aug 21, 2020

केन्द्र सरकार के अध्यादेश के विरोध में सुमेरपुर मंडी में कारोबार रहा बंद

केन्द्र सरकार के अध्यादेश के विरोध में सुमेरपुर मंडी में कारोबार रहा बंद

पाली/सुमेरपुर। राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के आह्वान पर केन्द्र सरकार के अध्यादेश के विरोध में सुमेरपुर मंडी में शुक्रवार को कारोबार पूरी तरह बंद रहा। बंद के दौरान किसी भी जिंस की नीलामी नहीं हो सकी। व्यापारियों ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अध्यादेश को निरस्त करने की मांग की।

प्रदेशव्यापी बंद के दौरान महाराजा उम्मेदसिंह कृषि उपज मंडी में प्रतिदिन की तरह ग्रामीण क्षेत्र से कृषि जिंस भरकर आने वाले ट्रेक्टर-मिनी ट्रक नदारद थे। व्यापारियों ने भी नीलामी में भाग नहीं लिया। व्यापारियों का कहना था कि मंडी परिसर के बाहर होने वाले व्यापार पर किसी भी तरह का शुल्क नहीं लगाना और मंडी परिसर के अंदर होने वाले व्यापार पर टैक्स लगाना समझ से परे है। इससे व्यापारियों का अहित होगा। किसानों को भी बिना नीलामी से होने वाली बिक्री का उचित मूल्य नहीं मिल सकेगा।

सरकार मनमाने अध्यादेश लाकर मंडी कारोबार पूरी तरह खत्म करना चाहती है। इसे सहन नहीं किया जाएगा। मंडी के अंदर होने वाले व्यापार पर लगभग 4 प्रतिशत टैक्स लगता है और बाहर व्यापार होने पर किसी भी प्रकार का टैक्स नहीं लगने से अधिकांश व्यापार मंडी के बाहर होने से मंडी परिसर के व्यापारियों का कारोबार आधा रह गया। इससे आर्थिक हानि हो रही है।

पीएम व सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन
मंडी बंद के दौरान सुमेरपुर व्यापार संघ के नेतृत्व में विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने उपखण्ड अधिकारी से मुलाकात की। इस दौरान प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। जिसमें बताया कि नए अध्यादेश के कारण मंडी परिसर के अंदर मंडी शुल्क व किसान कल्याण कोष शुल्क समेत अन्य शुल्क अधिक होने से कारोबार प्रभावित हो रहा हैं। मंडी परिसर के बाहर होने वाले व्यापार को शुल्क मुक्त रखने से भीतर के व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। मुनीम, हमाल व व्यापारियों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो जाएगा। ज्ञापन में अध्यादेश को निरस्त करते हुए मंडी शुल्क व किसान कल्याण कोष शुल्क को समाप्त कर दूसरे प्रदेशों की तरह नाम मात्र शुल्क निर्धारित करने की मांग की।

पदाधिकारियों ने बताया
राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के आह्वान पर सुमेरपुर मंडी पूरी तरह बंद रही। सभी व्यापारियों ने पूरा सहयोग दिया। सरकार के नए आदेश से मंडी कारोबार पूरी तरह ठप हो जाएगा। मुनरमों, व्यापारियों व हमालों के सामने रोजगार का संकट पैदा हो जाएगा। मंडी परिसर के बाहर व्यापार करने पर शुल्क नहीं लगने से अंदर का व्यापार ठप हो गया है। -विनोद मेहता, अध्यक्ष, भंवर देवड़ा, सचिव, सुमेरपुर व्यापार संघ, सुमेरपुर