
मवेशियों में फैला गलघोंटू रोग, असमय हो रही पशुओं की मौत
पाली। जिले के मारवाड़ जंक्शन तहसील के दूदौड़ गांव में पशुओं में इन दिनों गलघोंटू रोग फैल रहा है, जो उनकी असमय मौत का कारण बन रहा है। पिछले तीन दिन में 10 से ज्यादा पशुओं की मौत हो चुकी है। किसानों के सामने पशु दम तोड़ रहे हैं, लेकिन उनकी जान नहीं बचा पा रहे हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।
दरअसल, गलघोंटू रोग बारिश के बाद व सर्दी के मौसम में अक्सर फैलता है। यह रोग एक पशु में फैलने के बाद दूसरे पशुओं में तेजी के साथ फैलता है। यह रोग ज्यादा फैलने पर काफी ज्यादा संख्या में पशुओं की मौत हो जाती है। हालांकि पशुपालन विभाग की ओर से समय-समय पर पशुओं में टीकाकरण किया जाता है। लेकिन कई पशुओं के टीकाकरण नहीं हो पाता है।
ये है रोग के लक्षण
इस रोग से ग्रस्त पशु को अचानक तेज बुखार हो जाता है। चपेट में आने से रोग से पशु सुस्त रहने लगता है। खाना-पीना छोड़ देता है। पशुओं की आंखें भी लाल रहने लगती है। उसे सांस लेने में भी दिक्कत होती है। उसके मुंह से लार गिरने लगती है। ये गलघोंटू रोग के लक्षण है।
टीकाकरण से बचाव संभव
पशुओं को बारिश के बाद गलघोंटू रोक का टीका लगाना चाहिए। बीमार पशु को अन्य पशुओं से दूर रखना चाहिए। साथ ही जिस जगह पर पशु की मृत्यु हुई हो, वहां कीटाणुनाशक दवाइयों का छिडक़ाव जरूरी होता है। साथ ही पशुओं को बांधने वाले स्थान को स्वच्छ रखना चाहिए। पशुओं में एंटी बायोटिक जैसे सल्फॉडीमिडिन ऑक्सीटेट्रासाइक्लीन और क्लोरोम फॉनिकोल एंटी बायोटिक का टीका लगाना चाहिए।
पशुओं की मौत
पिछले तीन दिन में मेरे पांच पशु अकाल मौत का शिकार हो गए है। गांव में और भी पशुपालकों के पशु बीमारी से ग्रसित है। पिछले तीन चार दिन में तेजी के साथ पशुओं में बीमारी फैल रही है। -शिवनाथ गुर्जर, पशुपालक, दूदौड़
टीम को भेजा है
पशुओं में बीमारी की जानकारी मिलते ही दूदौड़ गांव में चिकित्सा टीम भेज दी है। पशुचिकित्सा टीम पशुओं का टीकाकरण कर रही है। बीमार पशुओं का इलाज शुरू कर दिया गया है। -डॉ. चक्रधारी गौतम, संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग पाली
Published on:
28 Dec 2020 09:49 am
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