
शहर में बेसहारा गोवंश सड़कों पर विचर रहा है। बेसहारा सांडों के लड़ने के कारण आए दिन लोगों की जान पर बन आती है। शहर के पानी दरवाजा पर दो सांड आपस में भिड़ गए। वे पानी दरवाजा सिरे घाट की तरफ से दौड़ते हुए सामने स्थित एक गोदाम की तरफ आए। वहां एक सांड गिरकर इतनी तेजी से दरवाजे से टकराया कि वह टूट गया। इसके बाद सांड नीचे गिर गया। दूसरा सांड उसे मारता रहा। आखिर गिरा हुआ मवेशी उठा और मंडलेश्वर महादेव मंदिर की तरफ दौड़ा तो दूसरा मवेशी भी उसके पीछे भागा। गनीमत रही, उस समय मार्ग पर अधिक लोग नहीं थे। अन्यथा कई लोग घायल हो सकते थे।
शहर के सिरे घाट पर रोजाना शाम व रात में मवेशियों का जमावड़ा रहता है। ऐसा ही हाल रामनगर का भी रहता है। पानी दरवाजा, सिंधी कॉलोनी, रामदेव रोड, हाउसिंग बोर्ड, नया गांव रोड, शिवाजी नगर, राजेन्द्र नगर सहित सभी जगह पर मवेशी बैठे रहते है। इससे कई बार तो मार्ग तक अवरुद्ध हो जाता है।
शहर के व्यंक्टेश मार्ग, नया गांव मार्ग, चादरवाला बालाजी मार्ग, गांधी मूर्ति के पास, अम्बेडकर सर्कल-नहर रोड, मंडिया रोड, जोधपुर रोड, बादशाह का झण्डा, पुराना बस स्टैण्ड, रामलीला मैदान सहित अन्य जगह चारा बेचने वाले रोजाना सुबह 12-1 बजे तक बैठे रहते है। वे सड़क पर किनारे चारा डालते है। इससे वहां मवेशियों का जमावड़ा रहता है। मवेशी कई बार झगड़ते भी है।
शहरवासी विनोद पित्ती ने बताया कि पानी दरवाजा स्थित गोदाम का दरवाजा दो सांडों की लड़ाई से टूट गया। घाट पर व पानी दरवाजा पर रोजाना मवेशी बैठे रहते है। कई बार लड़ने पर वाहन भी क्षतिग्रस्त कर चुके है। दुकानदार महेन्द्र का कहना है कि बाजार में भी मवेशी झगड़ते हैं। चंद दिनों पहले गजानन मंदिर के पुजारी भी इस सांड के कारण घायल होने से बचे थे।
Updated on:
30 Nov 2024 07:22 pm
Published on:
30 Nov 2024 07:17 pm
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