
शहर के गली-मोहल्लों में रात को छाए अंधेरे को दूर करने का भरोसा देने वाली नगर परिषद का ध्यान दिन में जलती स्ट्रीट लाइटों को समय पर शुरू करने व बंद करने पर नहीं है, जिससे प्रतिदिन सैकड़ों यूनिट बिजली की फिजूलखर्ची से उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ बढ़ता जा रहा है। वहीं रात में जरूरत होने पर शहर के अधिकांश क्षेत्रों में रोड लाइटें बंद मिलती हैं। इससे जाहिर है कि शहर की रोड लाइट व्यवस्था पर नगर परिषद गंभीर नहीं है।
सूत्रों का कहना है कि नगर परिषद सीमा में रात में राहगीरों की सुविधा के लिए सोडियम व ट्यूबलाइट लगी हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर में अंधेरा किस कदर है। विभिन्न स्थानों पर लगे टाइमर स्विच की सार संभाल नहीं करने के कारण यह समस्या आ रही है। परिषद की ओर से लाइटों का टाइम ऐसे सेट हो कि सूर्योदय के आधे घंटे पहले रोड लाइटें बंद हो जाएं और सूर्यास्त के आधे घंटे बाद सभी चालू हो जाएं। वर्तमान में सूर्यास्त के करीब एक घंटे पहले तो लाइटें जलती हंै और एक घंटे बाद बंद होती हैं। इससे परिषद को दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है।
मौसम के अनुसार बदलाव
टाइमर ऑटोमेटिक हैं जबकि मैन्युअल स्विच को परिषद के कर्मचारी ही ऑन-ऑफ करते हैं। रोडलाइटें ऑन-ऑफ करने का समय मौसम के अनुसार बदलता है लेकिन कई बार टाइम सेट नहीं हो पाता। सर्दी में शाम पांच बजे के बाद टाइमर स्विच ऑन हो जाते हैं जबकि गर्मी में यह टाइम बदल कर सात-साढ़े सात बजे कर देते हैं। गर्मी में सूर्योदय जल्दी होने से लाइटें सुबह जल्द ही बंद हो जाती हैं।
इनका कहना...
शहर में सवेरे दस बजे तक रोड लाइट चालू रहने की शिकायत पर ठेकेदार को नोटिस दिया है, तीन-चार दिन में व्यवस्था दुरुस्त करवा दी जाएगी।
- प्रहलाद वर्मा, आयुक्त नगर परिषद सिरोही
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