
विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए नया नहीं है कोरोना वायरस
-श्याम शर्मा
पाली/रायपुर मारवाड़। कोरोना वायरस [ Corona virus ] आम लोगों के लिए भले ही नए रोग के रूप में सामने आया हो, लेकिन विज्ञान के विद्यार्थी [ Science students ] इस बारे में पहले से ही जानकारी रखते है। कक्षा 12 में एनसीआरटी की पुस्तक [ NCRT book ] में कोरोना का पैराग्राफ दे रखा है। फर्क ये जरूर है कि कोविड-19 [ Kovid-19 ] नया रूप है। जो लंग्स पर असर करने के साथ ही एक से दूसरे मनुष्य में संक्रमण के रूप में प्रवेश कर असर दिखाता है।
वर्ष 2008 के बाद प्रकाशित विज्ञान की किताबों में कोरोना वायरस का जिक्र किया गया है। इससे वर्ष 2008 के बाद जिन्होंने कक्षा 12 उत्तीर्ण की है वे इस वायरस के बारे में पढ चुके हैं। पत्रिका ने जीव विज्ञान के व्याख्याताओं से इस बारे में चर्चा की। जिसमें उन्होंने कोरोना वायरस के बारे में पढे होने की पुष्टि की है। साथ ही ये भी बताया कि सामान्य ज्ञान की किताबो में भी कोरोना के बारे में दे रखा है।
कोविड-19 व कोरोना के असर में फर्क है
साइंस के स्टूडेंट अब तक कोरोना वायरस के बारे में पढते आए हैं। जिसमें इसे गंभीर नहीं बताया गया था। इसके लक्षण व उपाय बता रखे हैं। वर्तमान में कोविड -19 ने महामारी का रूप ले रखा है। कोविड -19 नया वर्जन है। इस बारे में अब तक साइंस स्टूडेंट नहीं पढ पाए थे। कोराना व कोविड 19 के लक्षण व उपचार मेंं भी भिन्नता है।
कोरोना वायरस ग्रुप है
व्याख्यता हितेश सांखला ने बताया कि कोरोना वायरस एक ग्रुप है। इसे एक परिवार भी कह सकते हैं। ये अलग-अलग रूप में फैलता है। अब तक सांइस की बुक में पढा था कोरोना वायरस जानवरों में फैलता था। कोविड-19 नया वायरस है, जो सम्पर्क में आने से एक से दूसरे मनुष्य में फैलता है।
2008 से पढ रहे थे अब पढा रहे हैं
वर्ष 2008 से हम कोरोना वायरस के बारे में पढते आ रहे थे। अब बतौर व्याख्याता विद्यार्थियों को पढा भी रहे हैं। कोरोना वायरस एक ग्रुप है। कोविड-19 नया वर्जन है। जो अब तक का सबसे घातक वायरस साबित हुआ है। सजगता से ही इससे बचा जा सकता है। -कमलेश शर्मा, व्याख्यता, जीव विज्ञान, ब्यावर।
Published on:
07 Apr 2020 08:32 pm
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