
पाली नगर परिषद कार्यालय।
विधानसभा चुनाव में शहरी क्षेत्रों में नेताजी को जीत दर्ज करनी है तो उनको पार्षदों के साथ की जरूरत पड़ेगी। पार्षद नेताजी व मतदाताओं के बीच की कड़ी बनेंगे। इसका कारण है नेताजी से ज्यादा वाडोZं में पार्षदों की पकड़ अधिक मजबूत होना। वहीं नेताजी के नाम पार्टी की ओर से टिकट फाइनल होने के बाद प्रचार के लिए कम समय मिलना भी एक प्रमुख कारण है। इसके साथ ही पार्षद वे लोग है, जो सीधे मतदाता से जुड़े हैं। वार्ड का हर छोटा-बड़ा व्यक्ति उनको जानता हैं। उनकी छोटी-मोटी समस्याओं का समाधान भी पार्षद के मार्फत ही होता हैं। ऐसे में जिन नेताजी की पार्षदों के साथ दूरी है या उनसे मनमुटाव हैं। उनको अब नेताजी मनाने में भी जुटे हैं। जिससे कि खुद नेताजी गांवों के मतदाताओं के पास पहुंच सके और उनके प्रतिनिधि के रूप में पार्षद शहरी क्षेत्र में पकड़ मजबूत कर सकें।
कई जगह पर पार्षदों की िस्थति कमजोर
पाली नगर परिषद के साथ नगर पालिकाओं में कई जगह पर पार्षदों की स्थिति कमजोर हुई है। इसका कारण यह है कि पार्षदों की सुनवाई नगर परिषद में नहीं होना और सड़क आदि के खस्ताहाल होने के साथ जनता के कार्य में विलम्ब होना आदि है। जनता पार्षदों से सवाल पूछ रही है। ऐसे में मतदाताओं को संतुष्ट करना और नेताजी के मत मांगना पार्षदों के लिए भी मुश्किल हो सकता है। एक समस्या यह भी हो सकती है कि जो पार्षद बोर्ड बनने के बाद जनता के सम्पर्क में नहीं रहे हैं। उनके नेताजी का प्रचार करने पहुंचने पर सवालों की झड़ी लग सकती है।
पार्षदों की जिले में िस्थति
पाली नगर परिषद: भाजपा 29, कांग्रेस 22, निर्दलीय 14
जैतारण नगर पालिका: भाजपा 13, कांगेेस 8, निर्दलीय 4
सुमेरपुर नगर पालिका: भाजपा 18, कांग्रेस 9, निर्दलीय 8
सोजत नगर पालिका: भाजपा 20, कांग्रेस 19, निर्दलीय 1
सादड़ी नगर पालिका: भाजपा 18, कांग्रेस 13, निर्दलीय 4
बाली नगर पालिका: भाजपा 16, कांग्रेस 5, निर्दलीय 4
खुडाला-फालना नगर पालिका: भाजपा 8, कांग्रेस 6, निर्दलीय 11
तखतगढ़ नगर पालिका: भाजपा 15, कांग्रेस 5, निर्दलीय 5
रानी नगर पालिका: भाजपा 11, कांग्रेस 5, निर्दलीय 2
मारवाड़ जंक्शन नगर पालिका में अभी निर्वा
Published on:
31 Oct 2023 10:16 am
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