
Jawai Dam: जाने क्यों तीन जिलों के लोग हो रहे खुश
पश्चिमी राजस्थान के प्रमुख जवाई बांध के गेट 10 सितम्बर को खोलने के बाद 22 दिन में 33 दिन तक पाण दिए जाने जितना पानी बहाया गया है, जो जवाई नदी में बहता हुआ सिरोही, पाली व जालोर जिले में खुशियां बांटता हुआ झाब गांव के पास लूनी नदी में मिल गया। पानी गांधव पुल तक पहुंच गया है, जो सांचौर-बाड़मेर के पास है। उधर, जवाई बांध के सहायक सेई बांध में सोमवार को गेज 4.40 मीटर दर्ज किया गया। इस बांध से जवाई बांध में पानी अपवर्तित किए जाने के बावजूद जल आवक के कारण गेज अधिक कम नहीं हुआ है। इस बांध का पूरा पानी जवाई बांध में आने तक जवाई बांध के गेट खुले रहेंगे। उस समय तक जवाई नदी में भी पानी बहता रहेगा। अभी बांध से 519 क्यूसेक पानी निकाला जा रहा है।
नदी में बहा 1650 एमसीएफटी पानी
जवाई बांध के गेट खोलने से लेकर अब तक जवाई बांध में 1650 एमसीएफटी पानी छोड़ा गया है। सिंचाई विभाग के अनुसार जवाई बांध से खेतों में सिंचाई का पानी देने के लिए एक दिन में 50 एमसीएफटी पानी छोड़ा जाता है। इस तरह 1650 एमसीएफटी पानी से 33 दिन खेतों में सिंचाई की पाण दी जा सकती थी।
नदी में बहे पानी से कुएं होंगे रिचार्ज
जवाई बांध से सिंचित होने वाले 38 हजार 671 हैक्टेयर क्षेत्र के लिए सिंचाई का पानी शुरू करने पर एक पाण करीब 20 दिन तक चलती है। जो पानी जवाई नदी में छोड़ा गया, उस पानी से करीब डेढ़ पाण दी जा सकती थी। हालांकि, नदी में बहाए पानी से किसानों के कुएं रिचार्ज हो गए है। आस-पास के खेतों को भी बहुत लाभ होगा।
सई बांध का पूरा पानी आएगा
जवाई बांध के सहायक सेई बांध का पूरा पानी इस बार जवाई में अपवर्तित किया जाएगा। इसका कारण यह है कि सेई बांध से जवाई में पानी अपवर्तित किए जाने वाले पानी के लिए बनी सुरंग को गहरा व चौड़ा किया जाना है। ये कार्य बांध को पूरा खाली किए बिना नहीं किया जा सकता है।
टॉपिक एक्सपर्ट
खरीफ फसल में मिलेगा फायदा
जवाई बांध से अभी तक छोड़ा पानी लूनी नदी में मिल गया है। नदी में बहाव के कारण उसके आस-पास के कुएं रिचार्ज हुए हैं। इससे किसानों को खरीफ की फसल के समय भी लाभ होगा। रबी की फसल के लिए सिंचाई का पानी तो मिलेगा ही। नदी में अभी पानी का बहाव जारी होने से जालोर जिले के किसानों को भी बहुत लाभ है।
गंगाराम सुथार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग जवाई खण्ड, पाली
ऐसे समझे पाण का गणित
20 दिन की एक पाण में 1000 एमसीएफटी पानी की होती है जरूरत
50 एमसीएफटी पानी दिया जाता है एक दिन में पाण खोलने पर
1650 एमसीएफटी पानी अभी तक छोड़ा गया है जवाई नदी में
20 दिन लगते हैं 38 हजार 671 हैक्टेयर कमाण्ड क्षेत्र की सिंचाई में
Published on:
03 Oct 2023 10:23 am
