1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

फिर पांव पसारने लगा डेंगू, सेंदड़ा में छात्र मिला डेंगू पॉजीटिव…

- चिकित्सा विभाग बरत रहा अनदेखी  
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

पाली

•

image

Rajendra Singh Denok

•

Updated: 18 Nov 2017, 1:31 PM IST

रायपुर मारवाड़.

सेंदड़ा में डेंगू ने दस्तक दी है। कक्षा दसवी के छात्र को डेंगू पॉजिटिव आया है। परिजनों ने इस छात्र को अजमेर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां उसका उपचार जारी है। दरअसल, सेंदड़ा के मुख्य बाजार में रहने वाले इस छात्र की तबीयत पिछले कई दिनों से खराब थी। परिजनों ने बालक को ब्यावर अस्पताल में दिखाया था। जहां से दवाई लेने के बाद भी तबीयत में सुधार नहीं आया। ऐसे में परिजन इसे दुबारा ब्यावर ले गए। जहां डेंगू के लक्षण पाकर उसे उपचार के लिए अजमेर रैफर कर दिया। वहां हुई जांच में बालक को डेंगू पॉजिटिव बताया गया।

गांव में पसरी है गंदगी

सेंदड़ा में सफाई व्यवस्था को लेकर ग्राम पंचायत ध्यान नहीं दे रही है, जिससे क्षेत्र में गंदगी का आलम है। ग्रामीणों ने सफाई व्यवस्था में ग्राम पंचायत द्वारा बरती जा रही कोताही को लेकर कई बार शिकायतें की। लेकिन, आज तक जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया।

नहीं पहुंची टीम

छात्र के डेंगू पॉजिटिव आने के बाद यहां के चिकित्सा अधिकारियों को सूचना कर दी गई। लेकिन, देर शाम तक न तो कोई टीम सेंदड़ा पहुंची ओर न ही किसी स्तर पर सर्वे शुरू किया गया। पूर्व सरपंच पांचूसिंह चौहान, प्रहलाद कटारिया, सतीश पालीवाल सहित गांव के प्रबुद्धजनों ने जिला प्रशासन को हालात से अवगत कराते हुए प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।

सर्वे करवाते हैं

- सेंदड़ा में छात्र के डेंगू पॉजिटिव आने के बावजूद चिकित्सा विभाग सर्वे नहीं कर रहा है तो यह गंभीर बात है। महकमे के अधिकारियों से बात कर कल ही सर्वे कराने की कार्रवाई करवाते है।

मोहनलाल खटनावलिया, उपखण्ड अधिकारी, रायपुर

झोला छाप चिकित्सकों का बोलबाला

मुंडारा. कस्बे सहित लाटाड़ा, डूंगरली, लालराई, मोरखा, कोटबालियान, भीतवाड़ा सहित क्षेत्र के एक दर्जन गांवों व ढाणियों में झोलाछाप बंगाली चिकित्सकों का बोलबाला बढ़ता जा रहा है। इनके पास किसी प्रकार की डिग्री या दस्तावेज नहीं होने के बावजूद बिना किसी रोक टोक के अपनी दुकानों में ग्रामीणों का इलाज कर चांदी कूट रहे हैं। साथ ही ग्रामीणों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। चिकित्सा विभाग व प्रशासन को इनकी जानकारी होने के बावजूद इन पर कार्रवाई नहीं होने से इनके हौसले बुलंद हैं। मुंडारा बस स्टैंड पर चल रहे एक बंगाली चिकित्सा केंद्र पर करीब एक वर्ष पहले पुलिस व चिकित्सा विभाग ने दवाईयां व इंजेक्शन जब्त किए थे। इसका मुकदमा आज भी चल रहा है। इसके बावजूद यह बंगाली चिकित्सक क्षेत्र में फैल चुके हैं। वार्ड पंच प्रहलाद सिंह ने बताया कि इसकी शिकायत कई बार प्रशासन को करने के बावजूद अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है।

ग्रामीण करेंगे आंदोलन

वार्ड पंच प्रहलाद सिंह, सुरेश शर्मा, शक्ति सिंह करनोत, विवेक वैष्णव, राजू चौधरी, वागाराम चौधरी, भूपेन्द्र जैन, भरत सिंह सहित ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत प्रशासन से बंगाली चिकित्सा केंद्र शीघ्र बन्द कराने की मांग की है। कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।