
ठेकेदार को नहीं मिला भुगतान तो रोका काम, खस्ताहाल सडक़ से ग्रामीण परेशान
आऊवा। विधानसभा चुनाव हो या लोकसभा चुनाव नेताओं ने आचार संहिता लागू होने से पहले सडक़ों के शिलान्यास के बोर्ड लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन असल में कोई भी सडक़ पूरी नहीं बन पाई। ऐसा हाल नजर आया आऊवा से सुगाली माता बदहाल सडक़ का। यहां डामरीकृत सडक़ निर्माण के लिए 50 लाख रुपए का बजट पारित हुआ सडक़ का काम शुरू किया गया, लेकिन सरकार से जैसे ही पेमेंट बन्द हुआ तो ठेकेदार ने डामरीकृत सडक़ की जगह कंकरीट बिछाकर शिलान्यास का बोर्ड भी लगा दिया। मिसिंग लिंक योजनान्तर्गत 50 लाख रुपए की लागत से आऊवा से सुगाली माता मंदिर तक डामरीकृत सडक़ का शिलान्यास राज्य मंत्री पीपी चौधरी ने किया। शिलान्यास समारोह में कई घोषणाएं की गई, लेकिन आचार संहिता लगने व इसके बाद अब तक सडक़ की कोई सुध तक नहीं ले रहा। सडक़ पर कंकरीट होने के कारण वाहन चालकों को परेशानी होती है। दुपहिया वाहन चालक कई बार फिसल जाते हैं।
बरसात में कंकरीट सडक़ पर दिखेगे
ढाई किलोमीटर की डामरीकृत सडक़ बारिश में और भी क्षतिग्रस्त हो जाएगी और ककरीट से आवागमन मुश्किल हो जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव से सुगाली माता सडक़ का डामरीकृत का बजट पारित होते ही कुछ ही समय मे काम शुरू हो गया लेकिन सडक़ पर कंकरीट बिछा कार्य को बंद कर दिया गया। साथ ही मिसिंग लिंक परियोजना का बोर्ड लगा दिया गया। इस पर 31 अगस्त 2018 को कार्य प्रारम्भ होना व 30 अप्रेल 2019 को कार्य पूर्ण होना दर्शाया गया है।
Published on:
19 Jun 2019 05:17 pm
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