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पाली में 30 घंटे चला धरना, नगर परिषद आयुक्त को हटाया

पाली नगर परिषद के ठेकेदार ढाबर निवासी हनुमान सिंह राजपुरोहित के बकाया भुगतान नहीं होने से परेशान होकर आत्महत्या करने के मामले में नगर परिषद आयुक्त ब्रजेश रॉय और वरिष्ठ सहाययक नरेश चौधरी को एपीओ कर दिया गया।    

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पाली. नगर परिषद के ठेकेदार ढाबर निवासी हनुमान सिंह राजपुरोहित के बकाया भुगतान नहीं होने से परेशान होकर आत्महत्या करने के मामले में नगर परिषद आयुक्त ब्रजेश रॉय, और वरिष्ठ सहाययक नरेश चौधरी को एपीओ कर दिया गया। ठेकेदार के नगर परिषद में बकाया भुगतान का चेक जारी करने की बात कही गई। दिन भर चले धरना प्रदर्शन के बाद शनिवार रात साढ़े 11 बजे शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। रविवार को अंतिम संस्कार होगा। इससे पहले सुबह मृतक के परिजनों, समाज के लोगों व ठेकेदारों ने बांगड़ अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया, जो देर रात तक चला। दिनभर चले घटनाक्रम में तीन बार प्रशासन व पुलिस से धरनार्थियों की वार्ता हुई, लेकिन बात नहीं बनी। शाम को जिला कलक्टर नमित मेहता से मिलने समाज का एक प्रतिनिधि मंडल कलक्ट्रेट गया। जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक से वार्ता की, करीब चार घंटे तक चली इस वार्ता में मांगों पर सहमति बनी। प्रकरण में मृतक के पुत्र ने रोहट थाने में नगर परिषद सभापति रेखा भाटी, राकेश भाटी, आयुक्त ब्रजेश रॉय व लेखाधिकारी नरेश चौधरी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मुकदमा दर्ज करवाया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इधर, मृतक के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। ढाबर गांव में चूल्हे नहीं जले। गांव में शोक रहा।

सुबह से रात तक यों चला घटनाक्रम

सुबह मोर्चरी के बाहर धरना- सुबह नौ बजे ढाबर के ग्रामीण, परिजन, ठेकेदार, राजपुरोहित समाज के लोग, भाजपा-कांग्रेस के जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में लोग बांगड़ अस्पताल की मोर्चरी के बाहर एकत्रित हुए। उन्होंने धरना देकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता महावीर सिंह सुकरलाई, पशुधन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष चुन्नीलाल चाड़वास, शिशुपाल सिंह राजपुरोहित, पूर्व सभापति महेन्द्र बोहरा, ठेकेदार संघ जिलाध्यक्ष पंकज ओझा, एडवोकेट भागीरथ सिंह रावलवास, चंद्रभानु राजपुरोहित, जब्बरसिंह राजपुरोहित, सुमेर सिंह राजपुरोहित, नगर परिषद उपसभापति ललित प्रितमानी, पार्षद जय जसवानी, विकास बुबकिया, मेहबूब टी, लुणसिंह राजपुरोहित सहित बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचे।
तहसीलदार से नहीं की बात - इस दौरान तहसीलदार सुरेन्द्र कुमार वार्ता के लिए आए। लेकिन एडवोकेट भागीरथ सिंह राजपुरोहित ने कलक्टर से वार्ता करने की बात कहते हुए उनसे वार्ता नहीं की, इस पर तहसीलदार वापस लौट गए।
एडीएम से वार्ता विफल - तहसीलदार से वार्ता नहीं होने पर अतिरिक्त जिला कलक्टर चंद्रभानसिंह भाटी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बुगलाल मीणा मौके पर पहुंचे। उनसे वार्ता की, लेकिन बात नहीं बनी।
सुसाइड नोट की होगी एफएसएल जांच- धरना स्थल पर सीओ सिटी अनिल सारण, ग्रामीण सीओ मंगलेश चुंडावत, कोतवाली प्रभारी सुरेश चौधरी सहित भारी पुलिस जाप्ता तैनात रहा। उल्लेखनीय है कि मृतक की जेब से दो पेज का सुसाइड नोट मिला था, इसमें उसने नगर परिषद सभापति के पति, आयुक्त व लेखाधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस नोट की पुलिस एफएसएल जांच करवाएगी।
तीन बार सीएमओ में बात- कांग्रेस नेता महावीर सिंह सुकरलाई, चुन्नीलाल चाड़वास सहित अन्य नेताओं ने कार्रवाई की मांग को लेकर तीन बार सीमएओ में बात की। नगर परिषद परिसर व अस्पताल में पुलिस बल तैनात किया गया। आयुक्त व सभापति कक्ष के बाहर पुलिस तैनात रही।
सड़क पर उतरे, कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन- शाम करीब साढ़े सात बजे धरनास्थल पर बैठे लोगों में से कुछ लोग पैदल चलकर नगर परिषद आ गए। यहां उन्होंने प्रदर्शन किया। पुलिस ने उनको रोका, इसके बाद वे कलक्ट्रेट आ गए। उन्होंने रास्ते में हंगामा किया। कलक्ट्रेट पर पुलिस जाप्ता तैनात किया गया। यहां भी उन्होंने प्रदर्शन किया।
आपस में ही उलझे- कलक्टर-एसपी से वार्ता के बाद प्रतिनिधि मंडल वापस धरना स्थल पहुंचा तो ठेकेदारों के एक पक्ष ने प्रतिनिधि मंडल के समझौते पर असहमति जताई। ठेकेदारों ने आरोपियों की गिरफ्तारी व आयुक्त व लेखाधिकारी के निलबंन की बात कही। इस पर प्रतिनिधि मंडल के सदस्य व ठेकेदार आपस में उलझ गए। आखिरकार मृतक के परिवार की सहमति के बाद मामला शांत हुआ।

वार्ता में इन मुद्दों पर यह बनी सहमति- कलक्टर-एसपी व प्रतिनिधि मंडल के बीच कलक्टर कक्ष में वार्ता हुई। इसमें नगर परिषद आयुक्त ब्रजेश राॅय, लेखाधिकारी नरेश चौधरी को एपीओ करने, एपीओ करने के दो दिन बाद इसकी रिपोर्ट बनाकर दोनों अधिकारियों को निलम्बित करने की कार्रवाई करने, मृतक ठेकेदार की नगर परिषद में बकाया स्वीकृत राशि का चेक जारी करने, शेष बकाया राशि का भी शीघ्र भुगतान करने, सभापति, पार्षद राकेश भाटी की रिपोर्ट बनाकर सरकार भेजने, मृतक के आश्रित को सरकारी नौकरी देने के लिए सरकार से अनुशंसा करने, मुआवजा राशि के लिए सरकार को अनुशंसा करने, रोहट में दर्ज इस मामले की जांच सीओ सिटी अनिल सारण को सौंपने पर के मुद्दों पर सहमति बनी। सुसाइड नोट को एफएसएल जांच के लिए भेजा जाएगा, जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी पर निर्णय होगा।
कलक्टर ने यह कहा
मामले को लेकर नगर परिषद आयुक्त व लेखाधिकारी को एपीओ कर दिया गया है। मृतक ठेकेदार की स्वीकृत बकाया राशि का चेक जारी कर दिया जाएगा। नगर परिषद में ठेकेदार के भुगतान में देरी हुई या नहीं, इसकी जांच के लिए एडीएम व कलक्ट्रेट के अकाउंट ऑफिसर की टीम गठित की गई है। टीम की रिपोर्ट दो दिन में आएगी। बाकी मांगों पर प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया गया है। शव का पोस्टमार्टम करवा दिया गया है।

- नमित मेहता, जिला कलक्टर, पाली