
चीयर्स पर सरकार व उत्पादको की अनबन से चुनावी समर में मंडरा रहा है यह बड़ा खतरा...यहां पढे़ खबर
पाली. बीयर उत्पादकों व राज्य सरकार में दाम बढ़ाने की बात को लेकर चल रही अनबन प्रदेश को भारी पड़ सकती है। सबसे बड़ा खतरा हरियाणा के शराब तस्करों से है। प्रदेश में चल रही बीयर की भारी कमी का हरियाणा के तस्करों ने फायदा उठाना शुरू कर दिया है। हरियाणा के तस्कर प्रदेश में रोजाना बीयर से भरे ट्रक भेज रहे हैं, लेकिन पुलिस व आबकारी विभाग पूरी तरह से इसे रोकने में नाकाम साबित हो रही है। प्रदेश के लिए खतरा यह है कि यह तस्करी नहीं रुकी तो जहरीली शराब भी यहां पांव पसार सकती है। प्रदेश पहले भी शराब दुखांतिकाओं जैसा दंश झेल चुका है।
सरकार की चुप्पी से तस्करी तेज
प्रदेश में बीयर की भारी खपत है। राजस्थान में बीयर की हर माह एक करोड़ बल्क लीटर से अधिक खपत होती है। पिछले दिनों बीयर कम्पनियों ने बीयर के दाम बढ़ाने के लिए सरकार से कहा, लेकिन सरकार इस पर राजी नहीं हुई। ऐसे में बीयर कम्पनियों ने उत्पादन व आपूर्ति कम कर दी। इसका असर यह हुआ कि शराब ठेकों पर इसकी कमी आ गई। यह खबर लगते ही हरियाणा व पंजाब के शराब तस्कर प्रदेश में पैर पसारना शुरू हो गए। उन्होंने बड़ी मात्रा में रोजाना अवैध बीयर से भरे ट्रक प्रदेश में भेजना शुरू कर दिए। इधर, इसके दामों में भी बढ़ोतरी कर दी है।
खतरा शराब दुखांतिका का
प्रदेश के पाली, जोधपुर , बाड़मेर व अलवर जिलों में पूर्व में भी शराब दुखांतिकाएं हो चुकी है। इनमें चालीस से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं। तब से यह आवाज उठ रही है कि तस्करी पर पूरी तरह काबू पाया जाए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। वर्तमान हालात में हरियाणा के तस्कर पूरी तरह से प्रदेश में सक्रिय है। इसी साल प्रदेश में चुनाव होने हैं। यह तस्करी नहीं रुकी और सरकार ने विवाद नहीं सुलझाया तो अवैध शराब से शराब दुखांतिका का खतरा पैदा हो सकता है।
जल्द निकलेगा हल
यह सही है कि कम्पनियों से बीयर कम आ रही है। इस कारण दिक्कतें है। सरकार जल्द ही इसका हल निकालेगी। हरियाणा की तस्करी रोकने के लिए सभी इंतजाम किए गए हैं। तस्करों पर नजर रखी जा रही है।
- छगनलाल श्रीमाली, अतिरिक्त आबकारी आयुक्त, आबकारी विभाग, जोधपुर जोन।
Published on:
22 May 2018 10:56 am
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