
पाली. वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ की ओर से चल रहे दीक्षा महोत्सव में शनिवार को मुमुक्षु मोनिका जैन ने संयम पथ अंगीकार किया। संतों व साध्वियों की निश्रा में नव साध्वी को राजकीर्ति नाम दिया गया। साध्वी ने संतों व साध्वियों से आशीर्वाद लिया।
महोत्सव में सुबह गाजे-बाजे के साथ दीक्षार्थी के धर्म के माता-पिता के निवास स्थल से शोभायात्रा निकाली गई। जो जयकारों व दीक्षार्थी अमर रहे के उद्घोष के साथ पहले आचार्य रघुनाथ स्मृति भवन पहुंची। वहां से विभिन्न मार्गों से होकर अणुव्रत नगर स्थित दीक्षा स्थल पहुंची। वहां संत रूपचंद मुनि के आशीर्वाद से संत सुकनमुनि, संत अमृत मुनि, महेश मुनि, साध्वी पुष्पवती, साध्वी मनोहर कंवर व साध्वी कंचन कंवर के साथ संतों व साध्वियों की निश्रा में दीक्षा पाठ समारोह हुआ। इसमें संतों ने साध्वी को तीन करण, तीन योग से यावत् जीवन के लिए दीक्षार्थी को पांच महाव्रत प्रदान किए। दीक्षा पाठ के बाद मुमुक्षु को नया नाम राजकीर्ति दिया गया।
हर्ष-हर्ष, जय-जय की ध्वनि से की अनुमोदना
नव साध्वी का नामकरण होते ही दीक्षा स्थल हर्ष-हर्ष, जय-जय की ध्वनि से गूंज उठा। इन शब्दों के साथ श्रावक-श्राविकाओं ने अनुमोदना की। इसके बाद बड़ी दीक्षा सोजत सिटी में कराने की घोषणा की गई। संतों ने संयम जीवन पर प्रकाश डाला।
मुमुक्षु को दिया आशीर्वाद
समारोह में राष्ट्रीय महामंत्री अशोक पगारिया, पूर्व राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष कमला मेहता, जैन महासंघ अध्यक्ष सज्जनराज मेहता आदि ने मुमुक्षु बहन को आशीर्वाद दिया। महोत्सव में धनराज कांठेड़, सज्जनराज गुलेच्छा, केवलचंद धोका, नरेन्द्र पंच, दीपचंद सालेचा, लाभचंद बोहरा, कुशल सुराणा, हितेष बरडिय़ा, रितेष कवाड़, दिनेश गुलेच्छा आदि ने सहयोग किया।
परिजनों का किया स्वागत
दीक्षा महोत्सव के लाभार्थी के साथ गौतम प्रसादी के लाभार्थी, मुमक्षु बहन के धर्म के माता-पिता ज्ञानचंद, सीमा देवी लुंकड़ परिवार का संघ पाली व मरूधर केसरी मित्र मण्डल की ओर से स्वागत किया गया। संघ उपाध्यक्ष सज्जनराज गुलेच्छा ने बताया कि महोत्सव में सहयोग करने वालों का भी सम्मान किया गया।
Published on:
18 Feb 2018 12:32 pm
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