
सिंधी कॉलोनी में लगाया गया जाम
बिपरजॉय तूफान व मानसून की बरसात से जिले के 31 बांध छलके। जवाई बांध का गेज भी 56 फीट पार कर गया। यहां तक कि पाली का लाखोटिया तालाब भी ओवरफ्लो है, लेकिन शहरवासी प्यासे है। शहरवासियों को 24 घंटे जलापूर्ति की पाइप लाइन से सप्लाई तो दी जा रही है, लेकिन अंतराल का कोई लेखा-जोखा नहीं है। किसी क्षेत्र में चार से पांच दिन में तो किसी में 20-25 दिन के अंतराल से भी पानी आपूर्ति नहीं हो रही।
शहर के सिंधी कॉलोनी से नाडी मोहल्ला की तरफ जाने वाले मार्ग पर पिछले करीब 20-25 दिन से जलापूर्ति नहीं हुई है। इससे महिलाओं व क्षेत्रवासियों का सब्र बुधवार को टूट गया और वे सिंधी कॉलोनी चौराहे पर एकत्रित हुए। वहां पर बेरीकेडिंग आदि लगाकर जाम लगा दिया। जलदाय विभाग के खिलाफ नारे लगाए। करीब दो घंटे के प्रदर्शन के बाद पुलिसकर्मी व जलदाय विभाग के कार्मिक मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने समझाइश कर मार्ग खुलवाया। वहीं जलदाय विभाग के कार्मिकों ने सही अंतराल पर पानी देने की बात की। इस पर महिलाओं ने खरी-खरी सुनाई।
... तो नाराज हुई महिलाएं
वहां आए जलदाय विभाग के अधिकारियों ने महिलाओं से कहा कि पानी की आपूर्ति अब नई पाइप लाइन से की जा रही है। वह आपूर्ति सुबह पांच बजे की जाती है। आपने ध्यान नहीं दिया होगा। इस पर महिलाएं नाराज हो गई और बोली हमें यहां दो घंटे खड़े रहकर आनन्द नहीं मिला है। घरों में बूंद पानी नहीं है। टांकों में नल खुला था, फिर भी नहीं भरे और आप कह रहे हैं पानी आपूर्ति की गई।
शहर के अधिकांश क्षेत्रों में गंदा पानी
शहर के अधिकांश क्षेत्रों में गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। इससे लोग बीमार हो रहे हैं। बांगड़ मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में ही रोजाना 200 से अधिक मरीज उल्टी-दस्त व पेट दर्द आदि के आ रहे है। शहर के जनता कॉलोनी, राजेन्द्र नगर, रामदेव रोड, नाडी मोहल्ला, नया गांव, हाउसिंग बोर्ड, रामनगर, सिंधी कॉलोनी, रेलवे स्टेशन क्षेत्र, केशव नगर क्षेत्र, नया गांव, रजत विहार, सुंदर नगर क्षेत्र के साथ अन्य कई इलाकों में गंदा पानी आ रहा है।
पाइप लाइन बिछाना भूले @ रामदेव रोड
रामदेव रोड पर एक गली में आरयूआइडीपी की ओर से 24 घंटे जलापूर्ति की पाइप लाइन ही नहीं बिछाई गई। उस गली में करीब पन्द्रह-बीस घरों में पिछले दस दिन से जलापूर्ति नहीं हुई है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि जलापूर्ति होने पर इतना गंदा व बदबूदार पानी आता है कि घरों में तो दूर गली में खड़े नहीं रह सकते। ऐसे में लोग घर से करीब 500-600 मीटर की दूरी पर स्थित सार्वजनिक नल से पानी भरकर लाने को मजबूर है।
टॉपिक एक्सपर्ट
गंदा पानी पीने से उल्टी, दस्त, पीलिया, टाइफाइड, पेचिस व पेट सम्बन्धी बीमारियां होती है। इनसे बचने के लिए पानी छानकर व उबालकर पीना चाहिए। पानी में फिटकरी डाली जा सकती है। घरों में बने टांकों में क्लोरिनेशन किया जाना चाहिए। जहां घरों के बाहर नल लगे है और नाली के समीप है। उनको पानी भरते समय सावधानी रखनी चाहिए कि गंदा पानी उसमें नहीं मिले।
डॉ. प्रवीण गर्ग, आचार्य व विभागध्यक्ष, मेडिकल कॉलेज, पाली
घरों में नहीं आता पानी
घरों में पानी नहीं आ रहा है। परेशान हो गए है। बच्चों को चार दिन से स्नान तक नहीं करवा सके है। इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं कर रहा है।
कुमकुम भाटी, सिंधी कॉलोनी-नाडी मोहल्ला मार्ग
ट्यूबवेल पर निर्भर
क्षेत्र में एक माह से पानी की आपूर्ति नहीं की जा रही है। ट्यूबवेल से पानी लाना पड़ रहा है। बरसात से बांध भर गए है, फिर भी पानी नहीं मिल रहा।
सिमरन, सिंधी कॉलोनी-नाडी मोहल्ला मार्ग
बदबूदार पानी
हमारे घरों में बदबूदार पानी की आपूर्ति होती है। अभी तो पिछली तीन-चार बारी निकल गई है। पानी की आपूर्ति नहीं हुई है। बूंद-बंद पानी को तरस रहे है।
सुमन, रामदेव रोड
सार्वजनिक नल सहारा
पिछले कई दिनों से पानी नहीं आ रहा है। घर से दूर सार्वजनिक नल से पीने का पानी लाते है। मजबूरी में बदबूदार पानी का ही सफाई व नहाने में उपयोग करना पड़ रहा है।
सीता देवी, रामदेव रोड
जिम्मेदार नहीं सुनते
रामदेव रोड की गली में जलापूर्ति की लाइन नहीं बिछाई। पुरानी पाइप लाइन से बदबूदार पानी आता है। वह भी लम्बे समय से नहीं आ रहा।
जय जसवानी, पार्षद
Published on:
03 Aug 2023 11:08 am
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