24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पेयजल संकट: एक हैण्डपम्प के सहारे पूरा गांव, जानें ग्रामीणों की व्यथा…

जल संकट से जूझ रहा गांव, बूंद-बूंद को मोहताज ग्रामीण रायपुर पंचायत समिति क्षेत्र : सौर ऊर्जा संचालित नलकूप पर नहीं लगी टंकी

2 min read
Google source verification
पेयजल संकट: एक हैण्डपम्प के सहारे पूरा गांव, जानें ग्रामीणों की व्यथा...

पेयजल संकट: एक हैण्डपम्प के सहारे पूरा गांव, जानें ग्रामीणों की व्यथा...

water crisis : बर मारवाड़ (पाली ) । पंचायत समिति रायपुर की विभिन्न ग्राम पंचायतों में इन दिनों गर्मी के मौसम में पेयजल किल्लत बढ़ती जा रही है। जलापूर्ति के पुख्ता प्रबंध नहीं होने से यह समस्या आने वाले दिनों में भयंकर रूप लेगी। मगरा क्षेत्र की पंचायतों में महिलाओं को सिर पर घड़ा लेकर लम्बा सफर तय करना पड़ रहा है। मवेशियों को जल संकट से जूझना पड़ा रहा है। कलालिया ग्राम पंचायत के आसान जिलेलाव के ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के दौरान स्थानीय विधायक एवं जनप्रतिनिधि वोट बटोरने के लिए लोगों को पानी की व्यवस्था के नाम पर भ्रमित करते हैं। वहीं जीतने के बाद वे इस ओर देखते भी नहीं। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में कोई ऐसा परम्परागत जल स्रोत नहीं है जहां लोगों को कुछ दिन पानी मिल सके। आसन जिलेलाव में विधायक मद से करीब एक साल पहले सौर ऊर्जा संचालित बोङ्क्षरग करवाई गई लेकिन टंकी के अभाव में बोरिंग भी नकारा साबित हो रही है।

एक हैंडपम्प के सहारे पूरा गांव

गांव में इन दिनों पेयजल समस्या विकराल रूप ले रही है। ग्रामीण बूंद-बूंद के लिए भटक रहे हैं। यहां के ग्रामीणों ने बताया गांव एक हैडपम्प के सहारे है। इसी पर लाइन लगाकर पेयजल जरूरतों को पूरा कर रहे हैं।
सौर ऊर्जा संचालित पम्प नकारा : ग्रामीणों ने बताया करीब एक वर्ष पूर्व जैतारण विधायक मद से एक सौर ऊर्जा से संचालित बोरिंग खुदवाई गई। एक वर्ष के बीच टंकी स्टैंड और पाइप फिटिंग करके छोड़ दिया गया। टंकी के अभाव में सौर ऊर्जा संचालित बोरिंग नकारा साबित हो रही हैं। पर्याप्त मात्रा में पानी भी उपलब्ध है लेकिन अनदेखी से टंकी नहीं लग रही है।

नकारा हो रहे हैण्डपम्प

आसान जिलेलाव गांव में करीब डेढ़ दर्जन से ज्यादा हैंडपंप है लेकिन एक-दो को छोड़ सारे नाकारा हैं। लाखों की लागत से खुदवाए हैंडपंप अनदेखी एवं मरम्मत के अभाव में बेकार हो गए। ग्रामीणों ने एक-दो बार नहीं बल्कि दर्जनों बार विभागीय अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को अवगत करवाया, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा है।

टंकी लगवाते हैं
एक वर्ष पूर्व सौर ऊर्जा संचालित नलकूप खुदवाया गया था। उस पर टंकी नहीं लगी तो आज ही ठेकेदार से बात कर लगवाता हूं। गांव में टैंकर की व्यवस्था कर दी गई है। जल्द ही टंकी लग जाएगी। - डीआर नोगिया, सहायक अभियंता, रायपुर जलदाय विभाग

नहीं लगी टंकी

करीब एक वर्ष पूर्व सौरऊर्जा संचालित नलकूप खुदवाया गया। छह माह पाइप लाइन फिट हुए हो गए। इसके बाद भी छह माह बीत गए लेकिन टंकी नहीं लगी। पेयजल की भारी समस्या हो रही है। हालांकि ग्राम पंचायत ने अब टैंकरों की व्यवस्था कर दी हैं तो थोड़ी राहत है। - संतोष नाथ, पूरण रावल, ग्रामीण, आसान जिलेलाव