
Education Department Rajasthan...ऐसा क्यों बोले विधायक, पढ़े पूरी खबर
जिले में मर्ज होने के बाद से बंद 73 स्कूलों का फिर से उपयोग नहीं होने व भवनों के जर्जर होने को लेकर विधायक सीएम को पत्र लिखेंगे। उनका कहना है कि मर्ज हुए कई विद्यालय तो ऐसे स्थलों पर बिना सोचे-समझे ही बना दिए गए थे, जहां आबादी कम थी। इसके बाद उनको बंद कर दिया गया और लाखों रुपए की लागत से बने भवनों को भी उपेक्षित छोड़ दिया गया। इसका आरोप उन्होंने सरकारी कर्मचारियों पर लगाया। उनका कहना है कि कर्मचारी भवनों का उपयोग करने में भी अड़गा अड़ाते हैं ओर स्वयं सार-संभाल भी नहीं कर रहे है।
विधानसभा में उठाया था मामला
जिले के साथ ही पूरे प्रदेश में ऐसे सैकड़ों स्कूल है, जो मर्ज होने के बाद जर्जर हो रहे हैं। समाजकंटकों की शरण स्थली बने हुए हैं। इसे लेकर मैं विधानसभा में मामला उठा चुका हूं। राजस्थान पत्रिका की ओर से शुरू इस मुहिम के बाद अब मैं फिर से सीएम को इन भवनों का क्या-क्या उपयोग हो सकता है, सुझाव के साथ पत्र लिखूंगा। जिससे लाखों रुपए की सम्पत्ति बर्बाद नहीं हो।
खुशवीरसिंह जोजावर, विधायक, मारवाड़ जंक्शन
विधायक कोष से करवा देंगे जीणोZद्धार
मर्ज स्कूलों के कई भवन हमारे क्षेत्र में जर्जर हो रहे है। उनका उपयोग सरकारी कार्यालयों के लिए करने या अन्य सामाजिक कायोZं में करने के लिए सीएम को लिखा जाएगा। जो भवन जर्जर हो गए है, उनका जीणोZद्धार करवाकर उपयोग करेन के लिए विधायक व पंचायत कोष से राशि भी खर्च कर देंगे। आनन्दपुर कालू में हमने अस्पताल के लिए पुराना भवन देने के लिए सरकार को लिखा भी है।
अविनाश गहलोत, विधायक, जैतारण
Published on:
31 May 2023 11:11 am
