
घर के निर्माण की इजाजत और बना दी आठ मंजिला व्यावसायिक इमारत, अब गेंद सरकार के पाले में
पाली/सोजतरोड। जिले के सोजतरोड कस्बे में बिल्डिंग बायलॉज को ताक पर रखकर बनाई गई बहुमंजिला इमारत के मामले में जिला प्रशासन के दखल के बाद आखिरकार सोजत प्रशासन ने रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें स्पष्ट हो गया कि बिल्डिंग मालिक ने स्थानीय व जिला प्रशासन को गुमराह कर आठ मंजिला व्यावसायिक इमारत खड़ी कर दी। खास बात ये है कि यहां पर ग्राम पंचायत से स्वीकृति तो मकान निर्माण की ली थी, लेकिन पंचायत से कुछ ही दूरी पर बहुमंजिला इमारत खड़ी कर दी। बावजूद इसके स्थानीय ग्राम पंचायत प्रशासन ने अपने स्तर पर कोई कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझा। बीडीओ की रिपोर्ट के बाद अब गेंद राज्य सरकार के पाले में हैं। यदि जिला प्रशासन किसी दबाव में नहीं आया तो इमारत पर गाज गिरनी तय है।
दरअसल, कस्बे की पॉश कॉलोनी में शुमार लड्ढा कॉलोनी में आठ मंजिला इमारत का निर्माण करवाया जा रहा है, जो कि क्षेत्रवासियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। मकानों से सटकर बनी गगनचुंबी इमारत के कारण आसपास रहवासी लोगों का छत पर सोना भी मुश्किल हो गया है। क्षेत्रवासी लम्बे समय से स्थानीय ग्राम पंचायत प्रशासन से शिकायत कर चुके थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार क्षेत्र के सत्यनारायण सैन, ओमप्रकाश जोशी, कुणाल जोशी, पारसमल मेवाड़ा सहित अन्य ने आवाज बुलंद की। साथ ही राजस्थान सरकार के जनसम्पर्क पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करवाई थी। इस पर सोजत पंचायत समिति की विकास अधिकारी सुनीता परिहार ने नौ जुलाई 2021 को जांच कमेटी गठित की थी, जिसने पिछले दिनों ही आगामी कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को अपनी रिपोर्ट सुपुर्द की है।
ना तो स्वीकृति की पालना और ना ही पंचायत राज की पालना
जिला प्रशासन के आदेश पर सोजत विकास अधिकारी सुनीता परिहार के निर्देशन में गठित जांच कमेटी ने 28 जुलाई 2021 को मौके पर जाकर रिपोर्ट बनाई, उसमें साफ तौर पर दर्शाया गया है कि संतोषचंद्र पुत्र भंवरलाल ओसवाल निवासी मुसालिया हाल बेंगलूरु ने 12 जून 2019 को मकान निर्माण व गटर निर्माण के लिए आवेदन किया था, जिस पर 18 जून 2019 को ग्राम पंचायत ने ओसवाल को मकान निर्माण के लिए स्वीकृति दी थी, लेकिन स्वीकृति के विरुद्ध ओसवाल ने यहां पर आठ मंजिला (जी प्लस सेवन) व्यावसायिक इमारत बनवा दी। जांच कमेटी ने माना कि ये निर्माण राजस्थान पंचायत राज अधिनियम 1994 की धारा 107 (क) एवं राजस्थान पंचायत राज नियम 1996 के संशोधित नियम 173 (क) के प्रावधानों के विपरीत पाया गया।
आबादी के भूखंड पर बनवाई व्यावसायिक इमारत
जांच कमेटी की रिपोर्ट में ये भी सामने आया कि भूखंड मालिक संतोषचंद ओसवाल को पहले भूखंड को वाणिज्यिक प्रयोजनार्थ भू उपयोग परिवर्तन करवाना था, लेकिन बिल्डिंग मालिक ने ये उचित नहीं समझा। इससे पहले इमारत का कार्य रुकवाने के लिए जांच करने पहुंची कमेटी ने सोजतरोड निवासी गौतमचंद जैन पुत्र नथमल जैन से भूखंड के दस्तावेज प्राप्त किए। जांच कमेटी व ग्राम पंचायत ने कार्य रुकवाने के लिए पाबंद कर दिया है। साथ ही चेताया कि नियमों के विरुद्ध कार्य चालू पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार से मांगा है निर्देशन
बीडीओ की रिपोर्ट मिल गई है। कार्रवाई के लिए राज्य सरकार से मार्गदर्शन मांगा है। राज्य सरकार से जो भी निर्देश मिलेंगे उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। -स्वेता चौहान, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद, पाली
Published on:
24 Aug 2021 10:24 am
बड़ी खबरें
View Allपाली
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
