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यहां विशेषज्ञों ने खोजा 329 वर्ष पुराना शिलालेख

-पाली ज़िले के गुड़िया गांव के पहाड़ी क्षेत्र में मलबे दबा मिला शिलालेख

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पाली

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Suresh Hemnani

Apr 04, 2023

यहां विशेषज्ञों ने खोजा 329 वर्ष पुराना शिलालेख

यहां विशेषज्ञों ने खोजा 329 वर्ष पुराना शिलालेख

पाली। राजस्थान जो शौर्य और पराक्रम की भूमि है। इसके कण-कण में वीरगाथाएं बिखरी पड़ी है। सेव अवर हेरिटेज फाउंडेशन ने राजस्थान के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों ने नष्ट होती पुरासंपदाओं के संरक्षण का बीड़ा उठाया है। फाउंडेशन के सदस्यों ने पाली ज़िले के गुड़िया गांव में 329 वर्ष से पुराने शिलालेख की खोज की है।

सेव अवर हेरिटेज फाउण्डेशन के संयोजक महिपाल सिंह उदावत ने बताया कि गुड़िया निवासी ओगड़ भाई की ओर से गुड़िया के पहाड़ी क्षेत्र में मलबे में दबी मूर्ति जैसी कुछ आकृति दिखाई देने की सूचना दी गई। तब सेव अवर हेरिटेज फाउण्डेशन की टीम के जसराज सिंह, कृष्ण प्रताप सिंह ने ओगड़ भाई को साथ लेकर निर्जन जंगल में पहाड़ी के पास संदिग्ध स्थान को ढूंढते हुए पहुंचे।

जहां घड़े हुए पत्थर की आकृति दिखाई देने पर वहां खुदाई की गई। खुदाई में करीब तीन सौ साल पुरानी मूर्ति व शिलालेख प्राप्त हुआ। अभी वहां से मलबा हटा कर मूर्ति-शिलालेख के ईर्द-गिर्द कच्चा चबूतरा बना दिया गया है। फाउण्डेशन के विशेषज्ञों ने शिलालेख का अध्ययन किया। शिलालेख 329 वर्ष पूर्व का है। लेख का मूल पाठ "संवत 1751 वर्ष सावण बद 1 चौहान सीया जी" जिसका अर्थ है की संवत 1751(1694 ईस्वी) में सीया जी चौहान ने वीरगति पायी। फ़ाउण्डेशन की ओर से नष्ट हो रही प्राचीन शिलालेख, देवलियों, छतरियों, बावड़ियों आदि विरासतों की खोज और संरक्षण का कार्य किया जा रहा है।