
पाली के सिरेघाट पर लोटों में जल भरने के बाद महिलाओं के साथ कुछ यूं सेल्फी लेती युवती।
Gangaur festival 2024: गणगौर का पर्व गुरुवार को श्रद्धा व उल्ला से मनाई गई। सोलह श्रृंगार किए हुए तीजणियां पाली शहर व जिले के गली-मोहल्लों से गुजरी तो शहर की छटा को चार-चांद लग गई। हथेलियों पर हीना रचाई तीजणियों ने ढोल की थाप और थाली की झनकार के साथ नृत्य कर खुशी का इजहार किया।
गणगौर पर भगवान शिव व पार्वती के रूप ईसर-गंवर का पूजन करने के लिए महिलाएं सुबह से ही उत्साहित रही। वे घरों से सिर पर कलश धारण कर मंगल गीत गाते हुए पानी दरवाजा के लाखोटिया तालाब स्थित सिरे घाट पहुंची। वहां से लोटियां भरी वहां पर ढोल की थाप पर नृत्य किय। इसके बाद लोटियां लेकर गीत गाते हुए वापस घरों को लौटी और भंवर म्हानै पूजण दयो गणगौर… जैसे गीत गाते हुए ईसर-गणगौर का विधि-विधान से पूजन किया।
व्रत का किया उद्यापन
गणगौर की तीज का व्रत करने वाली कई महिलाओं ने उद्यापन किया। तीजणियों ने घरों में ईसर-गणगौर का पूजन करने के बाद व्रत करने वाली सत्रह महिलाओं को भोजन करवाया। व्रती महिलाओं को श्रीफल, वस्त्र, चूडिय़ां सहित सुहाग सामग्री भेंट की। तीज का उद्यापन करने वाली महिलाओं ने परिवार की अन्य महिलाओं व नणदों को उनकी पसंद के उपहार सहित अन्य सामग्री भेंट की।
परिवार को किया आमंत्रित
गणगौर व्रत का उद्यापन करने वाली कई महिलाओं ने पूरे परिवार व परिचितों को आमंत्रित किया। इससे उनके घरों में विवाहोत्सव जैसा माहौल हो गया। उन सभी के साथ स्पीकरों पर बजते गीतों पर नृत्य करने किया। इससे शहर व जिले के गांव-कस्बों में रौनक रही।
छाया तक की नहीं व्यवस्था
गणगौर पर परम्परा के अनुसार सभी तीजणियां लोटियां (कलश) भरने के लिए सिरे घाट पर आती है। वहां नगर परिषद की ओर से छाया व पानी की व्यवस्था की जाती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया गया। ऐसे में घाट पर आने वाली तीजणियों को गर्मी व धूप के कारण परेशानी हुई। पेयजल की व्यवस्था नहीं होने पर आस-पास के व्यापारियों ने अपनी तरफ से पानी के केन रखवाए। उधर, कई तीजणियों ने घाट पर ढंग से सफाई नहीं होने पर भी नाराजगी जताई।
Updated on:
11 Apr 2024 06:52 pm
Published on:
11 Apr 2024 06:51 pm
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