
Watch Video: ऐसी छाई मस्ती की हर कोई हो गया रंगों व गुलाल से सराबोर
Holi Festival 2024 : रंगों व उल्लास के पर्व होली मंगलाने के बाद धुलण्डी पर हर तरफ खुशी के रंग बिखरे। धुलण्डी पर सुबह से ही गली-मोहल्लों में चंग की थाप गूंज उठी। उल्लास से सराबोर लोगों ने फाग गीत गाते हुए एक-दूसरे को रंग व गुलाल लगाया। बच्चों व युवाओं का उत्साह तो चरम पर रहा।
धुलण्डी पर हर-गली मोहल्ले में सुबह से ही रंगों की बौछार शुरू हो गई। बच्चों व युवाओं ने लाल, गुलाबी, हरे, पीले रंग व गुलाल से एक-दूसरे को रंगा। बच्चे तो पिचकारी लेकर दोपहर बाद तक होली खेलते रहे। वहीं बुजुर्गाें के भाल पर तिलक लगाया और चरण छूकर आशीर्वाद लिया। उधर, विभिन्न समाजों के गेरिये गली-मोहल्लों में चंग ब जाते हुए पहुंचे। उन्होंने समाजबंधुओं के घर-घर जाकर गुलाल व रंग लगाकर होली की शुभकामनाएं दी। महिलाओं व युवतियों ने भी मोहल्लों में परिजनों व सहेलियाें के साथ होली खेली।
हरि-हरि रे हरियाली...
जिन घरों में पिछली होली के बाद नौनिहालों का जन्म हुआ। उनका ढूंढोत्सव मनाया गया। नौनिहालों की ढूंढ करने के लिए समाज के गेरिये चंग बजाते व गीत गाते हुए नौनिहालों के घर पहुंचे। वहां नौनिहालों को बुआ या बहन गोद में लेकर बैठी। गेरियाें ने उसके ऊपर लकडि़यां बजाते व हरि-हरि रे हरियाली...गीत गाते हुए नौनिहालों को आशीर्वाद दिया। उनके जीवन में खुशहाली की प्रार्थना की।
होली के बाद पहुंचे आशीर्वाद लेने
धुलण्डी पर रंग खेलने के बाद लोग शाम को मित्रों व परिजनों के घर गए। छोटों ने बड़ों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। लोगों ने घर आने वाले आगन्तुकों का मिठाई व व्यंजन खिलाकर स्वागत किया। कई जगहों पर मोहल्लेवासियाें व समाजबंधुओं की होली से शाम को गोठों का आयोजन किया गया। वहीं ढूंढोत्सव वाले घरों में गेरियों के साथ परिजनों व मित्रों को दाल-बाटी, चूरमा सहित अन्य व्यंजन परोसकर भोजन करवाया गया।
Published on:
26 Mar 2024 11:04 am
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