
मुख्य सचिव निरंजन आर्य
पाली/सोजत। कांग्रेस सरकार में पावर से वंचित पाली जिला अब पावरफुल बन गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पाली जिले के जाए-जन्मे आइएएस डॉ. निरंजन आर्य को ब्यूरोक्रेसी का मुखिया यानि मुख्य सचिव बनाकर पाली का कद बढ़ाया है। जिले के रायपुर में जन्मे आर्य के मुख्य सचिव बनने पर जिलेभर में खुशी का माहौल है।
1989 बैच के आइएएस आर्य ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकल कर ब्यूरोक्रेसी के प्रदेश के सर्वोच्च पद पर पहुंचे हैं। वे नागौर, बीकानेर, अजमेर, कोटा और जैसलमेर में कलक्टर रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने कई प्रमुख पदों पर सेवाएं दी है। मुख्यमंत्री गहलोत के करीबी होने का फायदा उन्हें कांग्रेस में शासन में मिला है।
संगीता आर्य को बनाया था आरपीएससी सदस्य
पिछले दिनों पाली जिले को एक और तोहफा मिला था। इसमें मुख्य सचिव आर्य की पत्नी डॉ.़ संगीता आर्य को भी राज्य लोक सेवा आयोग का सदस्य बनाया गया था।
रायपुर में हुई प्रारंभिक शिक्षा
डॉ. आर्य का 4 जनवरी 1962 को रायपुर में ननिहाल में जन्म हुआ। उनके पिता रामनारायण आर्य जिला शिक्षा
अधिकारी थे। उनके पिता रास के थे। आर्य की प्रारंभिक शिक्षा रायपुर से हुई।
जिलेवासियों ने जताया हर्ष
वरिष्ठ आईएएस डॉ. आर्य के करीबी रहे अपर लोक अभियोजक गजेंद्र सोनी, मदन पंवार, भागीरथ देवासी, मोहनलाल टांक, गोविंद दवे ने बताया कि बचपन से ही वे पढ़ाई में मेधावी थे। वे वॉलीबाल के अच्छे खिलाड़ी रहे तथा जिम्नास्टिक समेत कई खेल संघों के अध्यक्ष भी रहे हैं।
Published on:
02 Nov 2020 09:31 am
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