
मनीषा के हौसले को सलाम, पहले ही प्रयास में बनी गई स्टेशन मास्टर, जानिए पूरी खबर...
- मारवाड़ जंक्शन स्टेशन पर संभाल रही जिम्मेदारी
- रेलवे ट्रेनिंग के दौरान भी रह चुकी है अव्वल
मारवाड़ जंक्शन। पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन का रेलवे स्टेशन, जो कि अहमदाबाद के ट्रेक को जयपुर से तो जोड़ता ही है, जोधपुर-बीकानेर को भी जोड़ता है। इसके साथ ही उदयपुर का मीटरगेज ट्रेक भी इसी जंक्शन से जुड़ा है। इतने महत्वपूर्ण जंक्शन पर रेलवे स्टेशन मास्टर का जिम्मा मनीषा मीना संभाल रही है, जो कि बदलते समय का परिचायक है। रेलवे स्टेशन के टावर कंट्रोल पर मनीषा मीना को कार्य करते देख एकबारगी तो हर कोई सोचने पर विवश हो जाता है। लेकिन, नारी की सशक्तता की प्रतीक मनीषा रेलवे के टावर के कंट्रोल बोर्ड पर चलते इलेक्ट्रिक पैनल पर बेहिचक काम करती है।
जयपुर से सटे छोटे से गांव नारोली चोड बामनवास निवासी मनीषा के पिता रामराज मीना रेलवे स्टेशन अधीक्षक थे। मनीषा बीए-एलएलबी की शिक्षा हासिल कर वकील का काला कोट पहनती, इससे पहले पिताजी के रेलवे का कोट पहनने की इच्छा जाग्रत हो गई। इस पर 2015 की रेलवे भर्ती बोर्ड अजमेर की स्टेशन मास्टर की परीक्षा में आवेदन किया। पहले ही प्रयास में वह सफल हो गई। दो साल के कड़े प्रशिक्षण व मेडिकल आदि की प्रक्रिया के बाद नवम्बर 2018 को मारवाड़ जंक्शन में स्टेशन मास्टर के पद ज्वाइन किया। मनीषा रेलवे ट्रेनिंग के दौरान पार्ट ऑफ डयूटी में डिजास्टर मैनेजमेंट के साथ रेलव स्टेशन पर फायर फाइटिंग केस में भी सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थी रह चुकी है।
महिला आज भी दोयम
मनीषा का कहना है कि देश की सामाजिक ढांचागत व्यवस्था में अभी भी असमानता चिंता का विषय है। महिला आज भी दोयम मानी जाती है। इसके लिए महिलाओं को खुद अपने पैरों पर खड़ा होना होगा और पुरुष प्रधान समाज में अपने हितों की रक्षा के लिए बदलाव का कर्णधार बनना होगा। खुद को भी पढ़ लिखकर आत्मनिर्भर बनाने के साथ परिवार को आगे बढ़ाना होगा।
Published on:
09 Mar 2019 05:26 pm
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