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आधार नंबर लिंक कराते समय यह सावधानी आपको बचा सकती है धोखाधड़ी से…

इन 4 बातो का रखेंगे ध्यान तो नही हो पाएंगी ऑनलाईन धोखाधड़ी

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Aadhar card

पाली .

ऑनलाइन ठगी करने वाले बदमाश लोगों को ठगने के लिए नित नए तरीके अपना रहे हैं। अब यह बदमाश राज्य भर में घर-घर जाकर सरकारी योजनाओं लाभ देने या अन्य कोई बहाना बनाकर भोले-भाले लोगों को अपने झांसे में ले रहे है। उसके बाद उनके आधार नम्बर के साथ फिंगर प्रिंट लेकर उनके बैंक एकाउंट से रुपए अन्य एकाउंट में ट्रांसफर कर ठगी कर रहे है। राज्य में इन दिनों इस तरह से ठगी करने वाले बदमाश घूम रहे है। हकीकत यह है कि इस तरह की धोखाधड़ी होने पर आप इसकी शिकायत साइबर क्राइम के तहत नहीं करा सकते हैं, क्योंकि फिंगर प्रिंट देने का मतलब है आप रुपए निकालने के लिए सहमत थे।

इन 4 बातों का रखें ध्यान

1 - खुद जाएं अधिकृत केन्द्र पर

आधार को अकाउंट या मोबाइल से लिंक करने के लिए स्वयं सीधे बैंक जाकर जिम्मेदार अधिकारी या फिर अधिकृत स्वीकृत केन्द्रों के जिम्मेदार व्यक्ति से मिले। जब कार्ड लोगों के पास है, पैसा ट्रांसफर उन्हें करना है, फिर वॉलेट या अन्य इस तरह की सुविधा देने वालों को फिंगर प्रिंट देने की जरूरत नहीं है।

2- मोबाइल में एप पर रहें अलर्ट

साइबर एक्सपर्ट मनीष सोलंकी ने बताया कि हमें मोबाइल में बैंकों के एप्प डाउनलोड करने से बचना चाहिए। कई बार ऐसे मामले भी सामने आए है। किसी का मोबाइल लेकर अन्य व्यक्ति उसके बैंक एकाउंट से रुपए ट्रांसफर कर लेते है। मैसेज आने पर उसे डिलिट कर मोबाइल वापस पीडि़त को दे देते है।

3- बात न हो तो रुपए जमा नहीं करवाएं

इन दिनों जालसाज ई-मेल के बजाए सीधे फोन पर उनके किसी परिचित के नाम से फोन करते है और बीमार होने या फिर किसी अन्य आपात स्थिति में फंसने की बात कहकर अपने झांसे में लेते है। कुछ ही दिन पूर्व एक व्यक्ति ने अजमेर के मिठाई व्यापारी को पाली पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव बनकर फोन किया और रुपयों की जरूरत बताकर ठगी की थी।

4- फोन पर एटीएम की जानकारी

मोबाइल पर बैंक कर्मचारी बनकर फोन करने वालों को कभी भी अपने एटीएम और बैंक खाते की जानकारी नहीं दे। बैंक का कोई पत्र मिलता है तो संबंधित बैंक अधिकारी से संपर्क करें। इस तरह से ठगी की कई वारदाते पाली जिले में हो चुकी है।