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भ्रष्टाचार के मामले में फंसे जैतारण नगर पालिका ईओ व लिपिक एपीओ, अब एसीबी करेगी जांच

- एसीबी में दर्ज है दोनों के खिलाफ मुकदमा- पत्रिका ने उजागर किया था मामला

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पाली

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Chenraj Bhati

Aug 13, 2021

भ्रष्टाचार के मामले में फंसे जैतारण नगर पालिका ईओ व लिपिक एपीओ, अब एसीबी करेगी जांच

भ्रष्टाचार के मामले में फंसे जैतारण नगर पालिका ईओ व लिपिक एपीओ, अब एसीबी करेगी जांच

पाली। जिले के जैतारण नगर पालिका के अधिशासी अभियंता त्रिकमदान चारण व कनिष्ठ लिपिक (स्टोर शाखा) चंद्रवीर सिंह भाटी द्वारा एक फर्म का बिल पास करने के एवज में रिश्वत मांगने व एसीबी द्वारा दोनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने के बाद शुक्रवार को स्वायत शासन विभाग ने दोनों को एपीओ कर दिया। अब एसीबी उनके खिलाफ दर्ज प्रकरण की जांच करेगी। एसीबी ने दोनों से नोटिस देकर स्पष्टीकरण भी मांगा है।

पत्रिका ने उजागर किया था मामला, इसके बाद एपीओ
जैतारण नगर पालिका ईओ त्रिक्रमदान व लिपिक चंद्रवीर सिंह के खिलाफ एसीबी में मामला दर्ज होने व इसके बाद भी पद पर बने रहने का मामला राजस्थान पत्रिका ने अपने अंक में एक अगस्त व छह अगस्त को समाचार प्रकाशित कर उजागर किया था। इसके बाद इसकी शिकायत स्वायत शासन विभाग में हुई। इसको देखते हुए शुक्रवार को दोनों को एपीओ करने के आदेश जारी किए गए।

2017 में ट्रेप हुए थे ईओ
जानकारों के अनुसार ईओ त्रिकमदान वर्ष 2017 में जालोर में नगर परिषद आयुक्त लगे हुए थे। तब पट्टा लेने के एवज में रिश्वत लेते हुए एसीबी से ट्रेप हुए थे। इसके बाद उन्हें बहाल कर दिया गया। अब उनके खिलाफ जैतारण नगर पालिका के ईओ रहते हुए एसीबी में मामला दर्ज हुआ है।

यह है मामला
परिवादी मनोज भाटी पुत्र बगदाराम निवासी पोकरना की पोल, जैतारण ने परिवाद दिया कि फर्म चारभुजा कंस्ट्रक्शन का कामकाज वह देखता है, नगर पालिका जैतारण में फ्लेक्श बैनर, होर्डिंग के लिए वार्षिक कार्य के एवज में 4 लाख 77 हजार 123 रुपए बकाया थे। इसके बिल पास करने के लिए ईओ त्रिकमदान चारण पुत्र राय सिंह चारण निवासी वेलांगरी सिरोही ने अपने लिए 77 हजार रुपए व कनिष्ठ लिपिक चंद्रवीर सिंह भाटी पुत्र अशोक सिंह निवासी इंद्रा कॉलोनी टोंक ने अपने व ईओ के लिए बतौर रिश्वत 90 हजार रुपए मांगे। इसकी शिकायत परिवादी ने जयपुर में एसीबी के एडीजी एमएन दिनेश से की। उन्होंने दोनों को ट्रेप करने के लिए टीम भेजी, लेकिन वे भनक लगने के कारण बच गए। रिश्वत मांगने का वीडियो भी परिवादी ने बनाया, जिसमे रिश्वत मांगने का सत्यापन हो रहा है। सबूतों के आधार पर एसीबी ने ईओ व कनिष्ठ लिपिक के खिलाफ मामला दर्ज किया था।