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सोशल प्राइड : जांगीड़ समाज ने ठानी, मृत्यु भोज बंद करने का घर-घर फैलाएंगे संदेश

-राज्य सरकार के फैसले के साथ बढ़ाएंगे कदम-विश्वकर्मा जांगिड़ समाज सेवा समिति ने जिला कलक्टर को सौंपा पत्र

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पाली

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Suresh Hemnani

Jul 11, 2020

सोशल प्राइड : जांगीड़ समाज ने ठानी, मृत्यु भोज बंद करने का घर-घर फैलाएंगे संदेश

सोशल प्राइड : जांगीड़ समाज ने ठानी, मृत्यु भोज बंद करने का घर-घर फैलाएंगे संदेश

पाली। सरकार की ओर से मृत्यु भोज [ Mrityu bhoj ] को बंद करने के निर्णय की पालना सख्ती से कराने के आदेश दिए है। इसका कई समाजों ने स्वागत किया है। इनमें से ही एक समाज पाली का जांगिड़ समाज [ Jangid samaj ] है। जांगिड़ सेवा समिति की ओर से समाज में जागरूकता फैलाने का पत्र जिला कलक्टर को सौंपा गया। पत्र में बताया कि समाजबंधु सामाजिक स्तर पर पेंफलेट तथा समाज की बैठकों में सामाजिक स्तर पर जागरूकता अभियान [ Awareness Campaign ] चलाकर लोगों को प्रेरित करेंगे।

पत्र में यह भी बताया कि इस प्रथा के कारण कई परिवार बर्बाद हो जाते है। कई बच्चों को पढ़ाई बीच में छूट जाती है। कई लोग साहुकार के कर्ज के बोझ से दब जाते है। लेण व पेरावणी भी की जाती है। इन सभी बातों का ध्यान रखते हुए समाज की ओर से मृत्यु भोज अधिनियम का समर्थन करेगा। इस मौके अध्यक्ष प्रकाश चन्द जांगीड़, सचिव मांगीलाल शर्मा, कोषाध्यक्ष भंवर लाल शर्मा, डॉ. बंशीलाल पाखरवड़, रामनारायण इगन, इंद्रप्रकाश किंजा, ऋषिराज त्रिपाठी, जगदीश दायमा, शंकरलाल डिगोरिया आदि मौजूद थे।

प्रथाएं पूरी करने छूट जाते हैं सपने
दरअसल, मृत्यु भोज के चलते लेण व पैरावणी प्रथा का चलन भी समाज में है। इसमें रिश्तेदारों को कपड़े लाने पड़ते हैं। सामाजिक स्तर पर होने वाले ऐसे आयोजन में लोगों को पैसे न होते हुए भी इधर-उधर से व्यवस्था करनी पड़ती है और लेण व पैरावणी प्रथा का पालन करना पड़ता है। लेकिन, अब सरकार भी मृत्युभोज प्रतिबंध अधिनियिम की सख्ती से पालना की ओर अग्रसर है। ऐसे में कुछ समाज भी अब आगे आने लगे हैं।