बिपरजॉय की तूफानी बरसात ने पाली के सबसे बड़े जवाई बांध और उसके सहायक सेई बांध सहित अन्य बांधों में मंगल कर दिया। जवाई बांध के 16.25 फीट के ओवरफ्लो गेटों से अब पानी महज 0.40 फीट की दूरी पर है, जो हिलोरे मारने पर गेटों को छू भी रहा है।
उधर, सेई बांध जो 18 जून से पहले 4.50 मीटर था। वह 19 जून को बढ़कर 8.20 मीटर पर पहुंच गया। इस बांध में नदी से लगातार पानी की आवक होने से जवाई की तरफ पानी अपवर्तित किया गया। बांध का गेज 19 जून के बाद पहली बार 4 जुलाई को 16 दिन बाद 6.90 मीटर (914.06 एमसीएफटी) पर पहुंचा। इससे पहले जल अपवर्तित होने के बावजूद बांध का गेज सात से ऊपर रही रहा। अब मानसून की बरसात होने पर बांध में फिर तेजी से पानी की आवक हो सकती है। जिलेवासियों को अब सेई और जवाई बांध के छलकने का इंतजार है।
जवाई में दो गुना हो गया पानी
पश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े जवाई बांध में बिपरजॉय तूफान से पहले महज 28 फीट पानी था। जो नदी में पावन की आवक और सेई से हो रहे अपवर्तित पानी से 15.85 फीट बढ़ गया है। जवाई बांध में बिपरजॉय से पहले 1842.75 एमसीएफटी पानी था। इसमें अभी तक 1889.45 एमसीएफटी की बढ़ोतरी हो चुकी है।
इतने बड़े हैं जवाई के गेट
जवाई बांध के 13 गेट है। जिनको जवाई बांध की भराव क्षमता 61.25 फीट पानी आने पर खोला जाता है। वैसे इन गेटों पर कुल भराव क्षमता से 16.25 फीट पानी कम रहने पर ही चढ़ जाता है। गेटों पर पानी 45 फीट होने पर छुता है। जिससे अब पानी महज 0.40 फीट ही नीचे है।
जवाई बांध में हो रही आवक
जवाई बांध में अभी सेई बांध से डायवर्ट किए गए पानी की आवक हो रही है। बांध का गेज मंथर गति से बढ़ रहा है। अब मानसून की बरसात होती है तो जमी रिचार्ज है। इस कारण पानी का गेज तेजी से बढ़ेगा।
गंगाराम, अधिशासी अभियंता, जवाई बांध, पाली