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VIDEO : खूब जीते पुरस्कार, फिर भी मुफलिसी में कट रही मांड गायिका की जिंदगी

- सर्वोदय नगर निवासी मांड गायिका मैना राव की पीड़ा- कहा, पुरस्कार व सम्मान खूब मिला, लेकिन कद्रदान कम होने से नहीं मिला आर्थिक सम्बल

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पाली

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Suresh Hemnani

Apr 04, 2021

VIDEO : खूब जीते पुरस्कार, फिर भी मुफलिसी में कट रही मांड गायिका की जिंदगी

VIDEO : खूब जीते पुरस्कार, फिर भी मुफलिसी में कट रही मांड गायिका की जिंदगी

पाली। देश भर में अपनी मांड गायकी के हुनर से लाखों लोगों की वाहवाही बटोरने के साथ ही सैकड़ों पुरस्कार जीतने वाली पाली की प्रसिद्ध मांड गायिका मैनादेवी का जीवन मुफलिसी में गुजर रहा है। कोरोना की मार से मैनादेवी भी बच नहीं सकी। पिछले एक साल से गायकी का काम-काज ठप पड़ा हैं। ऐसे में परिवार की आर्थिक हालत गड़बड़ा गई है। उनकी पीड़ा है कि सरकार की ओर से कुछ आर्थिक सहायता कलाकारों को मिल जाती तो उन्हें विकट समय से लोगों की मदद का मोहताज नहीं होना पड़ता।

सात साल में ही शुरू कर दिया था अभ्यास
शहर के सर्वोदय नगर में अपने परिवार के साथ रहने वाली मांड गायिका मैनादेवी को गायकी का हुनर अपने दादा जयरूप व पिता भंवरलाल से विरासत में मिला। महज सात वर्ष की उम्र में उन्होंने मांड गायिका का अभ्यास करना शुरू कर दिया था। आज मांड गायिका के रूप में मैना राव का देश में जाना-पहचाना नाम है। बकौल मैना राव, मैं राजस्थानी टकशीला मांड (राजस्थानी शैली की मांड) गाती हूं। ओजी ओ बन्ना..., बनिसा गड़ दिखाया सपना..., बन्ना थाने..., म्हारी सजनी ऐ... जैसी कई प्रसिद्ध मांड गीत मैंने गाए हैं।

ना तो संरक्षण मिल रहा और ना ही कद्रदान
मैना राव के भाई राजूराव ने बताया कि पहले राजा-महाराजाओं के यहां मांड गाते थे। वे राज घराने मांड गायकों का पालन-पोषण करते थे। लेकिन, अब ना तो संरक्षण मिल रहा और ना ही कद्रदान। आर्थिक तंगी के चलते कोई मांड गायकी छोड़ भजन गायन में चला गया तो किसी ने घर चलाने के लिए कोई दूसरा काम काज शुरू कर दिया।

पूरा परिवार है समर्पित
मैनाराव ने बताया कि उनका पूरा परिवार इस कला को आगे बढ़ाने में लगा हुआ है। इसके तहत हाइमोनियम पर राजूराव, तबले पर भोमाराम, ढोलक पर श्याम राव, खंजरी पर प्रकाश राव, खरताल पर अरूण राव तथा भंपग पर गोरधन राव संगत देते हैं।

खूब मिले सम्मान
- जनवरी 2020 में 23वें राष्ट्रीय युवा उत्सव लखनऊ (उत्तरप्रदेश) में मैनाराव ने भी टीम के साथ प्रस्तुति दी। उन्हें प्रथम पुरस्कार मिला।
- जनवरी 2018 को जयपुर में राजस्थान युवा बोर्ड की ओर से राज्य युवा सांस्कृतिक प्रतिभा खोज महोत्सव का आयोजन हुआ, जिसमें मैना राव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
- मार्च 2018 को जयपुर में राजस्थान राज्य भारत स्काउट गाइड जयपुर की ओर से आयोजित कार्यक्रम में भी प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया।
- इसके अलावा जिलास्तर सहित विभिन्न सामाजिक संस्थाओं व संगठनों की ओर से नवाजा गया। इन पुरस्कारों से पूरा कमरा सजा हुआ है।