VIDEO : दो माह बाद खुला पाली का बाजार, व्यापारियों के चेहरे पर लौटी रौनक

-करीब 68 दिन बाद खुला पाली का बाजार
-लॉकडाउन फिर लगने की आशंका से खरीदा आवश्यक सामान
-तम्बाकू उत्पादों की दुकानों पर भी भीड़

By: Suresh Hemnani

Updated: 29 May 2020, 12:43 PM IST

पाली। जनता कर्फ्यू [ Public Curfew ] के दिन से लेकर आज तक पाली के मुख्य बाजार को कोरोना का ‘ग्रहण’ [ Corona virus Outbreak ] लग गया था। जो गुरुवार को 68 वें दिन एक बार फिर हटा तो दुकानदारों और खरीदारों दोनों के चेहरों पर रौनक छा गई। दुकानदार तो सुबह होते ही फटाफट दुकानों पर पहुंचे और करीब दो माह से अधिक समय से बंद दुकानों को खोलकर सफाई की और ग्राहकी आस लगाए बैठे। ग्राहकी भी हुई, लेकिन ज्यादातर लोग किराणे के साथ जरूरी सामान ही खरीदने पहुंचे। लोगों के मन में एक ही आशंका बनी हुई है कि फिर से लॉकडाउन [ Lockdown ] लगा या कंटेंनमेंट जोन [ Containment Zone ] में आ गए तो परेशानी हो जाएगी। इसी कारण लोगों ने एक से डेढ़ माह के सामान का स्टॉक रखना जरूरी है।

इन बाजारों में खुली सभी दुकानें
शहर के फतेहपुरिया बाजार, सर्राफा बाजार, जर्दा बाजार, केरिया दरवाजा, बाइसी बाजार, घी का झण्डा, धानमंडी, सोमनाथ, धौलाचौतरा, सूरजपोल व उदयपुरिया बाजार के साथ शहर के चार कटले भी खुले। इनमें कपड़े, जरी गोटा, हार्ड वेयर, जूते, घड़ी, हैण्डलूम, किचन वेयर, सौन्दर्य प्रसाधन के साथ सभी दुकानें खुली।

ये बोले व्यापारी
करीब दो माह बाद दुकान खुली। आज यहां आकर खुशी हुई। अब तक घर बैठे मन ही नहीं लग रहा था। आज भले सामान नहीं बिके, लेकिन पेढ़ी पर पहुंचे यह अच्छी बात है। -बसंतराज लोढ़ा, घी के व्यापारी

ग्राहकी भी होगी
दुकान पर आज सुबह जल्दी आकर सबसे पहले सफाई की। करीब 68 दिन से एक रुपए का गल्ला नहीं हो रहा था। अब आए है तो एक बार फिर व्यापार चलेगा। -चैनसिंह राणावत, कपड़ा व्यवसायी

आंखों देखा हाल
घी का झण्डा से सर्राफा बाजार
घी का झण्डा व धानमंडी में सभी दुकाने खुली थी। इनमें ज्यादा ग्राहक किराणे की दुकानों पर थे, लेकिन व्यापारियों के चेहरों पर खुशी थी। बाइसी बाजार में पहले जैसी ही रौनक नजर आई। एक-दो कपड़े की दुकानों पर भी ग्राहक खड़े थे। सर्राफा बाजार में अधिक भीड़ थी। यहां तम्बाकू खरीदने के लिए भी लोग पहुंचे।

नाडी मोहल्ला से गजानन मार्ग
बादशाह का झण्डा पर दुकानें खुली थी। जर्दा बाजार मेंं कुछ व्यापारी बिना मास्क लगाए ही बैठे थे। नाडी मोहल्ला मेंं लम्बे समय बाद कंटेनमेंट जोन हटा, इसके बावजूद वहां लोग ठेलों पर मास्क लगाए बिना ही खरीदारी कर रहे थे। बादशाह का झण्डा से होकर जंगीवाड़ा जाने वाले मार्ग आगे बंद होने से यहां रौनक कम रही, दुकानें खुली थी।

पुराना बस स्टैण्ड से पुरानी सब्जी मण्डी
पुराना बस स्टैण्ड पर हर दुकान खुली। पुरानी सब्जी मण्डी में लम्बे समय बाद सब्जी विक्रेता पहुंचे, लेकिन सब्जी के खरीदार नहीं थे। रूई कटला जाने वाले मार्ग पर लोगों की खासी भीड़ थी। इनमें खरीदार कम और बाजार देखने वाले अधिक थे। इसके आगे फुटपाथ पर सामान बेचने वाले भी बैठे थे।

लोगों ने जताया नाराजगी
शहर के गोल निम्बड़ा से गुलजार चौक जाने वाला मार्ग यहां कुम्हारों के वास में कंटेनमेंट जोन होने पर भी खुला था, लेकिन उसे गुरुवार सुबह गुलजार चौक से बंद कर दिया गया। इसके बाद उसे वहां से खोलकर पुरानी सब्जी मण्डी की तरफ जाने वाली पतली गली के आगे बंद कर दिया गया। इस बारे में क्षेत्रवासियों में असमंजस की स्थित रही, उनका कहना था कि हमारे खत्रियों के वास या इस जगह पर कोई पॉजिटिव नहीं आने के बावजूद ऐसा किया गया है।

Suresh Hemnani
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