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PG student of medical: सर्वे में सामने आया यह चौंकाने वाला सच

मेडिकल के विद्यार्थियों को नहीं देते हैं स्टाइपेंडनेशनल मेडिकल कमीशन एनएमसी नई दिल्ली की ओर से करवाए सर्वे में खुलासा19 राज्यों व 2 केंद्र शासित प्रदेशों के 213 मेडिकल संस्थान कर रहे गड़बड़ी

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पाली

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Rajeev Dave

Aug 28, 2023

PG student of medical: सर्वे में सामने यहां यह चौंकाने वाला सच

PG student of medical: सर्वे में सामने यहां यह चौंकाने वाला सच

बेचलर ऑफ मेडिसिन व बेचलर ऑफ सर्जरी (एमबीबीएस) करने के बाद चिकित्सक पीजी करते हैं। ऐसा करने पर उनको स्टाइपेंड दिया जाता है, जो कई निजी कॉलेज ही रख लेते है। पीजी करने वाले चिकित्सक विद्यार्थियों को देते नहीं है। इसकी शिकायत नेशनल मेडिकल कमीशन एनएमसी नई दिल्ली को मिली। इस पर नेशनल मेडिकल कमीशन एनएमसी नई दिल्ली ने हाल ही में एक सर्वे करवाया। जिसमें यह बात पुख्ता हो गई कि कई निजी कॉलेज विद्यार्थियों को स्टाइपेंड नहीं देते हैं। कमीशन की ओर से करवाए गए सर्वेक्षण में 10178 मेडिकल स्टूडेंट्स ने भाग लिया। इनमें से 7901 पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल स्टूडेंट्स थे।
स्टापेंड नहीं देने पर करेंगे कार्रवाई
नेशनल मेडिकल कमीशन की ओर से निजी मेडिकल संस्थानों को नियमानुसार स्टाइपेंड देने के निर्देश जारी किए गए है। पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एज्युकेशन बोर्ड के उप सचिव ने सभी स्वशासी/निजी मेडिकल कॉलेजों को भविष्य में स्टाइपेंड नहीं दिए जाने की शिकायत मिलने पर एनएमसी जे-जीएमईआर, 2000 के विनियमों की अनुपालन सख्त कार्रवाई की हिदायत दी है।
यह भी बताया आदेश में
उप सचिव ने आदेश में यह भी बताया कि पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन रेगुलेशन, 2000 के विनियमन 13 के अनुसार विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित संस्थानों के पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों को पारिश्रमिक का भुगतान किया जाएगा। वह भी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश, जहां संस्थान स्थित है के राज्य सरकारी चिकित्सा संस्थानों/केंद्रीय सरकारी चिकित्सा संस्थानों के स्नातकोत्तर छात्रों को दिए जाने वाले पारिश्रमिक के बराबर।
इनका कहना है
कमीशन की ओर से करवाए गए सर्वेक्षण में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस सर्वेक्षण से पता चला कि कई प्राइवेट मेडिकल संस्थान कार्रवाई से बचने के लिए मेडिकल पीजी स्टूडेंट्स को स्टाइपेंड की राशि जारी तो करते है, लेकिन उसे वापस ले लेते हैं। वहीं कई संस्थान देते ही नहीं है।
देव शर्मा, एज्युकेशन एक्सपर्ट
यह बताते हैं आंकड़े
प्राइवेट मेडिकल संस्थानों के 2110 पीजी मेडिकल स्टूडेंट्स को स्टाइपेंड नहीं दिया जाता।
4288 मेडिकल पीजी स्टूडेंट्स को स्टाइपेंड दिया तो जाता है, लेकिन नियमानुसार सरकारी मेडिकल कॉलेज में दिए जाने वाले स्टाइपेंड से बहुत कम
1228 मेडिकल पीजी स्टूडेंट्स को प्राइवेट मेडिकल संस्थानों की ओर से स्टाइपेंड दिया तो जाता है, लेकिन मैनेजमेंट की ओर से वापस ले लिया जाता है।