
मैदाने कर्बला की शहीदों की याद में गूंजी मातमी धुन
पाली. मुस्लिम समाज की ओर से शुक्रवार को मातमी पर्व मोहर्रम गमगीन महौल में मनाया गया। पाली जिला मुस्लिम समाज सदर मोहम्मद हकीम व पाली शहर मोहर्रम इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष शकील अहमद नागौरी ने बताया कि मोहर्रम शहादत के रूप में मनाया गया। हजरत इमाम हुसैन ने जुल्म और सितम को खत्म करने और इंसानियत को जिंदा रखने के लिए अपने जीवन को कुर्बान कर दिया था। इस्लाम को नई ऊंचाई दी थी।
कोरोना के कारण पीठ का मोहर्रम केरिया दरवाजा इमाम बाड़ा में लाइसेन्सदार हाजी मोहम्मद उमर लोहार, मोहर्रम चूड़ीगरान लाइसेंसदार मोहम्मद शाहिद पिनू, पलटन मोहर्रम लाइसेंसदार मोहम्मद इल्यास कुरैशी, मोहर्रम खरादियान लाइसेंसदार मोहम्मद इकबाल खरादी व जूनी पाली मोहर्रम लाइसेंसदार मोहम्मद यूसुफ पठान के नेतृत्व में इमाम बाड़ो में मुकाम पर रहे। मोहर्रम का जुलूस नहीं निकाला गया। मोहर्रम के मुकामों के पास ही ढोल-नगाड़ों, जांज-ताशों के साथ शहनाई की मातमी धुन बजा कर कर्बला के शहीद हजरत इमाम हुसैन व अब्बास अलमदार की शहादत को याद किया गया।
Published on:
20 Aug 2021 08:54 pm
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