24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दादी का सपना होगा पूरा, मुमुक्षु बहन रेणु बैंगलूरू में लेंगी दीक्षा

- 17 को कस्बे में वरघोड़ा व सात म्ई को बैंगलूरू में दीक्षा समारोह

2 min read
Google source verification

पाली

image

Chenraj Bhati

Apr 16, 2022

दादी का सपना होगा पूरा, मुमुक्षु बहन रेणु बैंगलूरू में लेंगी दीक्षा

दादी का सपना होगा पूरा, मुमुक्षु बहन रेणु बैंगलूरू में लेंगी दीक्षा

सोजत रोड। कस्बे की मुमुक्षु बहन रेणु गुंदेचा महज बाइस वर्ष की उम्र में गुरु के सानिध्य में सात म्ई को बैंगलूरू में दीक्षा लेगी। रेणु गुंदेचा के पिता गौतम गुंदेचा व माता निर्मलादेवी ने बताया कि रेणु की प्रारंभिक शिक्षा सोजत रोड से पूरी हुई है। रेणु के पढने में होशियार होने की वजह से पिता ने उच्च शिक्षा के लिए इन्हे बैंगलूरू भेजा। जहां इन्होंने पहले बी कॉम की डिग्री हासिल की। उसके बाद वीनस इन्टरनेशनल कॉलेज से फैशन डिजाइङ्क्षनग का कोर्स किया। इस दौरान 2018 में सोजत रोड के जैन स्थानक में चातुर्मास के समय जैन आचार्य नंदीसेन मसा. के विचारों को सुनकर रेणु के मन में सांसारिक जीवन से वैराग्य उत्पन्न हो गया। इसके बाद पारिवारिक सहमति से रेणु गुंदेचा नें महासती रुचिता के सान्निध्य में धर्म शिक्षा ग्रहण की। गौतम गुंदेचा ने बताया कि सात म्ई को राजाजी नगर बैंगलूरू में दीक्षा महोत्सव का आयोजन होगा। जिसमें मुमुक्षु बहन रेणु गुंदेचा दीक्षा लेंगी।

दादी का सपना होगा पूरा
गौतम गुंदेचा नें बताया कि उनकी माता चम्पाबाई नथमल गुंदेचा का सपना था कि उनके परिवार से कोई व्यक्ति दीक्षा ले, लेकिन यह आज तक संभव नहीं हो सका। मुमुक्षु बहन रेणु गुंदेचा दीक्षा लेकर अपने दादी का सपना पूरा करेंगी।

17 को निकलेगा वरघोड़ा
मुमुक्षु बहन रेणु गुंदेचा के दीक्षा समारोह से पूर्व पाली, पीपाड़, जोधपुर, बाड़मेर, जयपुर, अजमेर व मारवाड़ जंक्शन में वरघोड़ा निकला व अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। 17 अप्रेल को सोजत रोड में भी वरघोड़ा व अभिनंदन समारोह आयोजित होगा।

बैंगलूरू में होगा दीक्षा समारोह
सात म्ई को बैंगलूरू के राजाजी नगर आचार्य प्रवर गुरुदेव हीराचंद मसा, भावी आचार्य प्रवर महेन्द्र मुनि मसा व महासती रुचिता मसा के सान्निध्य में जैन भागवती दीक्षा समारोह आयोजित होगा। जिसमें मुमुक्षु बहन रेणु गुंदेचा दीक्षा लेंगी।
पैंतालीस साल बाद दीक्षा

1978 में कस्बे के सावच परिवार से मुमुक्षु ताराचंद सावच ने दीक्षा ली थी। जिनके पैंतालीस साल बाद मुमुक्षु रेणु गुंदेचा दीक्षा लेंगी।