
VIDEO : अब 35 करोड़ की चुनौती : पाली के कपड़ा उद्योग के लिए मुश्किलों भरे होंगे अगले 40 दिन
पाली। कपड़ा उद्योग [ textile industry ] के लिए अगले 40 दिन मुश्किलों भरे होंगे। एक सप्ताह में 10 करोड़ रुपए की पैनल्टी जमा कराने के बाद 31 जनवरी तक 25 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी के लिए भी सीइटीपी को पैसों प्रबंध करना होगा। सीइटीपी रिव्यू में जाने पर भी विचार कर रहा है। इसके लिए अधिवक्ताओं से सम्पर्क किया गया है।
एनजीटी [ NGT } के फैसले के बाद सीइटीपी फाउंडेशन [ CETP Foundation ] सदस्यों की सीइटीपी सभागार में बैठक आयोजित की गई। इसमें सदस्यों ने सीइटीपी के फैसले पर मंत्रणा की तथा पैनल्टी और बैंक गारंटी जमा कराने के लिए पैसों का प्रबंध करने पर विचार किया। हालांकि, बैठक के दौरान किसी तरह का निर्णय नहीं किया जा सका।
बैठक के प्रारंभ में एनजीटी के फैसले से सभी को अवगत कराया गया। तत्पश्चात सदस्यों से सुझाव लिए गए कि मुश्किल हालात का सामना कैसे किया जा सकता है। इस दौरान जिला कलक्टर दिनेशचंद जैन ने एनजीटी के निर्णय से अवगत कराते हुए कहा कि कमिश्नर की रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने अतिरिक्त मशीनें हटाने को लेकर जल्द कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। प्रदूषण नियंत्रण मंडल के वरिष्ठ पर्यावरण अभियंता अमित शर्मा ने कहा कि एनजीटी के निर्देशों की अक्षरश: पालना कराई जाएगी। उन्होंने सभी उद्यमियों को नियमों की पालना करने की हिदायत दी।
उद्यमियों ने माना छोड़ रहे प्रदूषित पानी
उद्यमी नवीन मेहता ने कहा कि ऐसे उद्यमी जिन्होंने अपनी इकाइयों में इटीपी और जेडएलडी लगा रखे हैं, वे रिश्तेदारों की फैक्ट्रियां किराए पर लेकर पानी छोड़ रहे हैं। उनके विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। उद्यमी कमलेश गुगलिया ने सीइटीपी प्लांटों पर एमवीआर तकनीक लगाने पर विचार करने का सुझाव दिया। इस दौरान सीइटीपी अध्यक्ष अनिल गुलेच्छा, सचिव अरुण जैन, कोषाध्यक्ष सुरेश राजाराम, निदेशक रंगराज मेहता, पूर्व सचिव अशोक लोढ़ा समेत बड़ी संख्या में उद्यमी मौजूद रहे।
प्रदूषण नियंत्रण मंडल जल्द करेगा इकाइयों का निरीक्षण
एनजीटी ने सभी इकाइयों का निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं। इसके तहत अब प्रदूषण नियंत्रण मंडल जल्द ही इकाइयों के निरीक्षण का एक्शन प्लान तैयार करेगा। इसमें विभिन्न जिलों की टीमें भी शामिल की जा सकती है।
उद्योग को हल्की राहत, 25 करोड़ ही भरनी होगी बैंक गारंटी
-एनजीटी ने सीइटीपी का अनुरोध स्वीकार किया
पाली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने कपड़ा उद्योग को हल्की राहत दी। 50 करोड़ बैंक गारंटी को घटाकर 25 करोड़ भरने का आदेश दिया है। एनजीटी के गुरुवार को जारी हुए आदेश में सीइटीपी को अब 25 करोड़ की गारंटी देनी होगी।
सीइटीपी को 10 करोड़ की पैनल्टी और 25 करोड़ रुपए बैंक गारंटी के लिए जमा कराने होंगे।
एनजीटी ने सुनवाई के दौरान सीइटीपी को पूरी तरफ से विफल बताते हुए 31 जनवरी तक सभी कमियों को पूरी करने की कार्ययोजना के साथ 50 करोड़ की बैंक गारंटी का मौखिक आदेश सुनाया। सीइटीपी के अधिवक्ता ने अनुरोध किया कि कपड़ा उद्योग के लिए यह राशि जमा कराना काफी मुश्किल होगा। इस पर कोर्ट ने विचार करने की बात कही। गुरुवार को जारी हुए लिखित आदेश में कोर्ट ने सीइटीपी का अनुरोध मान लिया।
Published on:
20 Dec 2019 11:53 am
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