
रोहट.
जोधपुर-अहमदाबाद नेशनल हाइवे पर स्थित ओम बन्ना का देवळ साल भर सड़क सुरक्षा का संदेश देता है। ये एकमात्र एेसा आस्था का स्थल है, जहां बाइक की पूजा होती है। यहां रखी ओम बन्ना की बुलेट विशेष आकर्षण और आस्था का केन्द्र हैं। 1988 में एक हादसे में दुनिया से रुखसत हुए चोटिला गांव के ओमसिंह राठौड़ आज जन-जन की आस्था के केन्द्र ओम बन्ना हैं। अजमेर से आए ओमबन्ना के भक्त बताते हैं कि दु:ख, तकलीफ और सफलता के लिए मन्नत मांगने वालों की मुरादें पूरी होती हैं। इस देवल को लेकर प्रचलित किवदंतियों में से एक है कि निधन के बाद ओम बन्ना की बाइक जब केरला थाने में रखी गई तो वहां के स्टाफ को अचरज भरे अनुभव हुए। पुलिस खुद ही इस बाइक को यहां छोड़ गई। बाद में यहां पर ओम बन्ना का देवल बना दिया और यह अब जन-जन की आस्था का केन्द्र हो गया है। यहां स्थित जाल के पेड़ पर लोग लाल धागा बांधकर मन्नत मांगते हैं और मुरादें पूरी होने पर यहां आकर शीश नवाते हैं। आस्थाओं में जुडऩे वाले नए पन्नों में भी ओम बन्ना ने अपना स्थान बनाया है और विवाह के बाद नव दम्पतियों की फेरी भी यहां बहुतायत में लगती है। यहां ओम बन्ना को शराब चढ़ती है, लेकिन ट्रस्ट अब खुुले रूप में प्रदर्शन करने वालों को मनाही करता है। यह ट्रस्ट शराब पीकर वाहन नहीं चलाने के लिए जागरूकता सम्बन्धी अभियान भी चलाता है। इस मंदिर पर चौबीसों घंटे आमदरफ्त रहती है और ओम बन्ना की ज्योत भी चैतन्य अवस्था में रहती है। यहां कुछ परिवार ओम बन्ना के लिए रचे गए दुहे और गीत गाकर आजीविका भी चलाते हैं। चूरू जिले के पायली गांव के समीप ओम बन्ना का एक और मंदिर बन रहा है। साथ ही उसी जिले में एक अन्य मंदिर बन चुका है। यह साबित करता है कि इस स्थल और इस स्थल के नायक की ख्याति कितनी बढ़ रही है। राजस्थान समेत आस-पास के राज्यों से पैदल संघ आते हैं। लोग धोक देने और पारिवारिक शुभ कार्यों में ओम बन्ना के नाम निमन्त्रण लेकर आते हैं। कभी हादसों के कारण बदनाम रहे इस इलाके में अब हादसे नहीं होते। लोग इसे ओम बन्ना के चमत्कार से भी जोड़कर देखते हैं।
ऑन लाइन सर्च में भी सबसे आगे ओमबन्ना
ओम बन्ना के नाम से गूगल हिन्दी में एक लाख ३२ हजार सर्च रिजल्ट हैं। अंग्रेजी परिणामों में यह संख्या चार लाख से ऊपर हो जाती है। इनमें इस स्थल की महिमा के लेख, वीडियो और चित्र प्रमुखतया हैं। कुछ लोग इन्टरनेट से जानकारी लेकर अचरज जताते हैं और कई आस्था से सराबोर होकर ओम बन्ना के दर्शनों के लिए चल पड़ते हैं। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और उनकी आस्था इतनी अधिक है कि अधिकांश वाहनों में ओम बन्ना का नाम अथवा चित्र मिल ही जाता है। इसके अलावा भी फेसबुक पर ओमबन्ना के कई पेज है, जिन्हें हजारों की संख्या में भक्तों ने लाइक कर रखे है। व्हाटसअप पर भी कई ग्रुप ओमबन्ना के नाम से बने हुऐ है ओमबन्नो की पुण्यतिथि के दिन अधिकतर भक्त ओमबन्ना की फोटो अपनी डीपी रखते हैं।
देश भर से पहुंचते हैं ओमबन्ना के भक्त
ओमबन्ना के दर्शन करने के लिए प्रतिदिन भीड़ लगी रहती है। ओमबन्ना की पुण्यतिथि पर देशभर से ओमबन्ना के भक्त पुण्यतिथि की पूर्व संध्या में ही ओमबन्ना देवळ पर पहुंचने शुरू हो जाते है, जो रात भर भजन संध्या में ओमबन्ना की महिमा में डूबे रहते है। उसके बाद पुण्यतिथि के दिन महाआरती व प्रसाादी ग्रहण करके लौटते है।
Published on:
11 Nov 2017 10:17 am
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