
पाली जिले की उर्वशी को आइएएस बनने में कैसे मिली सफलता, जानिए पूरी खबर...
पाली। मणिहारी गांव की उर्वशी ने आइएएस में 341 रैंक हासिल कर पाली का मान बढ़ाया है। मणिहारी गांव के सेवानिवृत्त कर्नल केशरसिंह शेखावत की बेटी उर्वशी ने चौथे प्रयास में यह उपलब्धि हासिल की। उर्वशी की प्रारंभिक शिक्षा हिमाचल के कसौली शहर में हुई। वह खेल में भी हमेशा अव्वल रही। दिल्ली से आर्किटेक्ट में डिग्री लेने के बाद उर्वशी ने आइएएस बनने की ठान ली। दिल्ली में कोचिंग जॉइन किया और निरंतर पढ़ाई जारी रखी।
शादी के बाद भी जारी रखी पढ़ाई
उर्वशी की 2016 में नागौर जिले के राशीदपुर गांव में विम्नाथ सिंह राठौड़ से शादी हुई। राठौड़ भारतीय सेना में मेजर है। उर्वशी के भाई भी सेना में अधिकारी है।
पिता ने किया प्रेरित
उर्वशी को आइएएस की तैयारी के लिए उसके पिता और आर्मी अफसर केशरसिंह शेखावत ने प्रेरित किया। शेखावत बताते हैं घर में आर्मी का माहौल है, लेकिन बेटी को प्रशासन में जाने के लिए प्रेरित किया। ताकि देश की सेवा के साथ-साथ गरीब और जरूरतमंद की भी सेवा कर सके।
वुमन एम्पावर की जरूरत
उर्वशी ने पत्रिका से बातचीत में कहा कि पापा के मोटिवेशन से आइएएस का करियर चुना। इस सेवा के जरिए देश के लिए कुछ करना चाहती हूं। उर्वशी का मानना है कि देश की प्रगति की लिए महिलाओं को एम्पावर करने की जरूरत है। गांवों के विकास में ट्रेडिशनल मेथड भी सहायक साबित हो सकता है।
Published on:
08 Apr 2019 02:29 pm
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