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भजन सरकार… भज ले काम… रच ले कीर्तिमान…

नई सरकार से, नई उम्मीदें : प्रदेश में भाजपा को जनादेश मिल चुका है। नई सरकार के कार्य शुरू करने में चंद दिन शेष है। जनादेश ने जो जन समर्थन दिया है, उसके बाद अब जनप्रतिनिधियों की बारी है। उनको जन समस्याओं का समाधान करना होगा। इसके साथ ही वो वादे भी पूरे करने होंगे, जो चुनाव से पहले भाजपा ने प्रदेश व पाली संभाग की जनता के साथ किए है।

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पाली

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Suresh Hemnani

Dec 13, 2023

भजन सरकार... भज ले काम... रच ले कीर्तिमान...

ड्रोन कैमरे से लिया गया पाली शहर का नजारा।

1. निवेश:
पाली में कपड़ा इंडस्ट्री के अलावा अन्य उद्योग नहीं आए है। चूड़ी उद्योग के बेहतर विकल्प है। उसकी 100 के करीब इकाइयां है, लेकिन उसे प्रोत्साहन की जरूरत है। सोजत के मेहंदी उद्योग को भी नए क्षेत्र की जरूरत है। इसके अलावा नए उद्योगों को विकसित करने की भी पाली में बहुत आवश्यकता है। फूड इंडस्ट्री कुटीर उद्योग के रूप में है। ग्रेनाइट इंडस्ट्री पिछड़ती जा रही है।

समाधान:
-उद्यमियों व निवेशकों को सरकार की ओर से पहले ही लाभ दिए जाते रहे है। उनको अधिक बढ़ाया जाना चाहिए और सुविधाओं का विस्तार किया जाना चाहिए। जिससे उद्योग अधिक विकसित हो।
-पाली के कपड़ा उद्योग को 24 घंटे चलाने के लिए प्रयास होने चाहिए। प्रदूषण की समस्या का निदान तो काफी हद तक हो गया है। उसमें अधिक सुधार भी हो जाएगा।
-पाली में ग्रेनाइट उद्योग को भी आगे बढ़ाने के प्रयास की जरूरत है। फूड इंडस्ट्री डवलप होने के काफी अच्छे अवसर है। जो अभी घरेलू स्तर पर ही चल रहा है।
-कमलेश गुगलिया, कपड़ा उद्यमी

2. शिक्षा:
शिक्षा के क्षेत्र में पाली संभाग में कोई बड़ा संस्थान नहीं है। पूरे संभाग के विद्यार्थियों को कक्षा बारहवीं के बाद कोटा, जोधपुर, उदयप़ुर, अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। विश्वविद्यालय की मांग लम्बे समय से उठ रही है। स्कूलों में भी शिक्षकों की कमी है। जिससे खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षण बेहतर नहीं हो पाता है।

समाधान:
-पाली में उच्च शिक्षा के लिए सबसे पहले विश्वविद्यालय की जरूरत है। उसके खुलने से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा का पाली में मिलेगी। रोजगार के अवसर भी सामने आएंगे।

-शिक्षकों की नियुक्ति के समय उनकी शिक्षण क्षमता की परख की जानी चाहिए। कई लोग अन्य जगह जोब नहीं मिलने पर शिक्षण कार्य में आ जाते हैं। वे बेहतर परिणाम नहीं दे पाते।
-स्कूलों में कई जगह पर शिक्षकों की तो कई जगह पर कक्षों व सुविधाओं का अभाव है। उसे पूरा किया जाना चाहिए। जिससे बच्चे बेहतर वातावरण में शिक्षा ग्रहण कर सके।
-नूतनबाला कपिला, सेवानिवृत अतिरिक्त निदेशक, शिक्षा विभाग

3. स्वास्थ्य:
पाली में मेडिकल कॉलेज बनने के बाद चिकित्सा सुविधाओं में विस्तार हुआ है, लेकिन उसमें अभी काफी सुधार की जरूरत है। सरकारी चिकित्सालय में कार्डिक यूनिट नहीं है। नेफ्रो व न्यूरो का उपचार भी नहीं होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो हालात बहुत बुरे है। मरीजों को छोटी-मोटी बीमारी के लिए जिला मुख्यालय का रुख करना पड़ता है। यहां से भी जोधपुर जैसे शहरों में रैफर कर दिया जाता है।

समाधान :
-कार्डिक व न्यूरो के चिकित्सकों के साथ उनके उपकरण, ऑपरेशन कक्ष आदि व्यवस्था होनी चाहिए। न्यूरो में ऐसे उपकरण आने चाहिए, जिससे जांच व उपचार तुरन्त हो सके। नेफ्रो की सुविधा मिले।
-ग्रामीण क्षेत्रों के साथ मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में भी काफी चिकित्सकों की कमी है। उसे पूरा किया जाना चाहिए। चिकित्सा बहुत महत्वपूर्ण है। चिकित्सक नहीं होने पर किसी की जान भी जा सकती है।
-स्वास्थ्य विभाग के कार्मिकों व कार्यकर्ताओं की जमीनी स्तर पर मॉनिरिंग होनी चाहिए। जिले के साथ प्रदेश में मातृ-शिशु के स्वास्थ्य पर विशेष फोकस किया जाना चाहिए।
-डॉ. महावीर सुराणा, पूर्व अध्यक्ष आइएमए, पाली

4. परिवहन:
समस्या: परिवहन के क्षेत्र में भी पाली पिछड़ा है। पाली से आज भी कई जिलों व बड़े शहरों में सीधे बसें नहीं है। रेलगाडि़यों से आवागमन सबसे सुगम माना जाता है, लेकिन पाली से जयपुर व दिल्ली की तरफ जाने के लिए रानीखेत के अलावा कोई विकल्प नहीं है। हवाई यात्रा के लिए जोधपुर व जयपुर ही विकल्प है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई जगह पर रोडवेज बसों का अभाव है।

समाधान:
-पाली से दिल्ली व जयपुर के लिए रेल सुविधा का विस्तार किया जाना चाहिए। जिससे आमजन के साथ व्यापारियों को भी लाभ होगा। राजधानी जयपुर में कार्य हर व्यक्ति का रहता है।
-वंदे भारत की तर्ज पर नई रेलगाडि़यां शुरू की जानी चाहिए। उनका किराया भी मध्यम वर्ग को ध्यान में रखकर तय किया जाना चाहिए। रेलवे के ढांचे को अधिक मजबूत करने की जरूरत है।
-पाली के कई गांवों में रोडवेज बसों की सुविधा नहीं है। निजी बसों व वाहनों से लोगों को सफर करना पड़ता है। इसमें भी सुधार करने की बेहतर जरूरत है। सिटी ट्रांसपोर्ट में इ-व्हीकल को बढ़ावा मिलना चाहिए।
-राकेश मेहता, पूर्व डीआरयूसीसी सदस्य

5. पर्यटन:
समस्या: पाली में पर्यटन की अपार संभावनाएं है। पाली जिले का जवाई बांध क्षेत्र, गोडवाड़ क्षेत्र के साथ पाली शहर में महाराणा प्रताप की जन्म स्थली है। उसका विकास कर पर्यटन को बढ़ाना देने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा भी जिले में आउवा स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी रहा है। यहां कई धार्मिक स्थल भी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की संभावना है।

समाधान:
-पर्यटन पॉलिसी ऐसी होनी चाहिए कि कोई भी व्यक्ति आसानी से पर्यटन यूनिट शुरू कर सके। पाली जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं।
-गांव-गांव में संपदा बिखरी है। सरकार को एकल खिड़की शुरू करनी चाहिए, ताकि उद्यमियों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़े। बार लाइसेंस के नियमों में भी सरलीकरण होना चाहिए। इससे सरकार के राजस्व में भी इजाफा होगा।
-हमारा रोडमैप ऐसा हो कि देशी-विदेशी सैलानी यहां खिंचा चला आए। यहां की संस्कृति को देखे, समझे और यहां कुछ दिन ठहरे।
-अजयसिंह धामली, पर्यटन व्यवसायी

6. पशुपालन:
समस्या: पाली जिले में पशुपालन बड़ा व्यवसाय है। यहां के कई पशुपालकों को साल में एक बार तो पलायन कर अन्य राज्यों में जाना पड़ता है। पशु चिकित्सा क्षेत्र में भी विकास की दरकार है। पशु चिकित्सालयों व चिकित्सकों की कमी है। बेसहारा मवेशियों के लिए पुख्ता प्रबंध नहीं होने के कारण वे सड़कों पर विचरते हैं। दूध उत्पादन बढ़ावा दिया जाना चाहिए। जिससे रोजगार बढ़ सके।

समाधान:
-जिले में तीन लाख से अधिक दूध देने वाले मवेशी है। इसके अलावा अन्य मवेशी भी है। उनके चिकित्सा के लिए जिले में चिकित्सकों व कार्मिकों की नियुक्ति होनी चाहिए।
-मवेशियों को अस्पताल लाने में भी पशुपालक असमर्थ होते है। ऐसे में मोबाइल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। हेल्थ कवरेज मिलना जरूरी है।
-भेड-बकरी के उत्पादों का बाजार हमारे क्षेत्र में नहीं है। डेयरी में भी गाय-भैंस का दूध ही अधिकतर लेती है। बकरी व ऊंट आदि का दूध कम उपयोग होता। ऊंटनी व बकरी के दूध को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
-डॉ. दिनेश माथुर, सेवानिवृत संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग

इन समस्याओं का भी होना चाहिए समाधान
पाली जिले की बड़ी समस्याओं में पेयजल की समस्या है। जिसके लिए हालांकि जवाई पुनर्भरण का कार्य शुरू हो गया है, लेकिन उसमे तेजी लाने की बेहद आवश्यकता है। जवाई बांध पर निर्भरता कैसे कम हो सकती है। इस पर भी कार्य करने की जरूरत है। इसके साथ ही कपड़ा उद्योग में प्रदूषण की समस्या के समाधान के लिए जेडएलडी लगाई गई है। उसे अधिक प्रभावी करने के प्रयास करने की जरूरत है।

ये वादे किए थे भाजपा ने जनता से
1. केजी से पीजी तक मुफ़्त शिक्षा।
2. 12वीं पास मेधावी छात्राओं को फ्री स्कूटी।
3. पेपर लीक पर एसआइटी का होगा गठन।
4. 2.5 लाख नौकरियां दी जाएंगी।
5. हर जिले में खोला जाएगा महिला थाना व हर पुलिस स्टेशन में महिला डेस्क।
6. एंटी रोमियो स्क्वायड स्थापित होगी।
7. 40000 करोड़ का भामाशाह हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन।
8. 15000 डॉक्टर और 20000 पैरामेडिकल स्टाफ की नई नियुक्तियां होगी।
9. लाडो प्रोत्साहन योजना बालिका के जन्म पर 200000 के सेविंग बॉन्ड से वित्तीय सहायता।
10. लखपति दीदी योजना के अंतर्गत 6 लाख से ज्यादा ग्रामीण महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण।
11. पीएम उज्जवला योजना की सभी महिलाओं को 450 प्रति सिलेंडर सब्सिडी।
12. आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को यूनिफॉर्म आदि के लिए 1200 की वार्षिक सहायता।
13. पर्यटन कौशल कोष बनाकर 5 लाख युवाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार अथवा स्वरोजगार।
14. एम्स की तर्ज पर हाई डिवीजन में राजस्थान इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी एवं राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस।
15. मानगढ़ धाम को भव्य ट्राइबल डेस्टिनेशन के रूप में किया जाएगा विकसित।
16. गेहूं 2700 रुपए क्विंटल खरीदा जाएगा।