
world river day special : यहां डंपिंग यार्ड में तब्दील हुई बांडी नदी, जिम्मेदारों ने मूंदी आंखें
पाली शहर से गुजरने वाली बांडी नदी दर्द से कराह रही है और जिम्मेदार अफसरों ने आंखें मूंद रखी है। बांडी नदी अपना अस्तित्व खोने के कगार पर है। लेकिन, गैर जिम्मेदार लोग कचरा डालकर नदी पर कहर ढाह रहे हैं। शहरवासियों की ओर से रोजाना कचरा डाला जा रहा है। जबकि पहले से पडेे़ कचरे के ढ़ेर तो नदी के बहाव को रोकने का ही कार्य कर रहे है।
दरअसल, मस्तान बाबा से लेकर मंडिया रोड इएसआई अस्पताल तक नदी को कचरे से भर दिया गया है। ट्रीटमेंट प्लाट एक व दो के पीछे, गुडलाई मार्ग की सड़क के दोनों तरफ व मस्तान बाबा तक जाने वाली नई सड़क के किनारे कचरे के ढेर लगे हैं। कई लोग तो कचरे से कबाड़ निकालने के लिए आग लगा रहे हैं, जिससे प्रदूषण फैल रहा है।
पाली की पुरानी पहचान
बांडी नदी के अंदर व बाहर किनारे पर कचरे के ढेर लगे हैं। इनमें मवेशी विचरण करते रहते हैं। यह बरसाती नदी है, लेकिन पाली की पुरानी पहचान भी यही है। जब बारिश में इसमें पानी आता है तो आसपास जल स्तर बढ़ता है। रोज यहांं पर बड़ी मात्रा में कचरा डाला जा रहा है। पत्रिका टीम ने मौके पर जाकर देखा तो पाया कि नदी के हर तरफ से कचरा डाला जा रहा है। यहां लोगों ने बताया कि कई बार रात में यहां आकर कचरा डाल जाता है।
करेंगे पाबंद
नगर परिषद का डम्पिंग स्टेशन पांच मौखा पुलिया के पास है। यदि नदी में कोई कचरा डाला जा रहा है तो उन लोगों को पाबंद करेंगे। नदी को साफ करवाने के लिए भी कदम उठाएंगे।
आशुतोष आचार्य आयुक्त, नगर परिषद, पाली
Published on:
24 Sept 2023 11:27 am
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