
Watch Video : यहां के ग्रेनाइट उद्योग को चाहिए सीधी कनेक्टिविटी...तभी पकड़ेगा रफ्तार
चतुर्थ फेस औद्योगिक क्षेत्र के विकास में सबसे बड़ी बाधा है सीधी कनेक्टिविटी का अभाव। औद्योगिक क्षेत्र में न तो भारी वाहन आसानी से पहुंचते और न ग्राहक। खदानों से ग्रेनाइट पत्थर के ब्लॉक लेकर आने वाले भारी वाहनों के लिए यहां पहुंचना किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं। कारण, पहले तो घुमटी से होकर हाउसिंग बोर्ड पुलिस चौकी तक पहुंचना पड़ता है। यहां से रेलवे फाटक पार कर डेयरी के पास आबादी इलाके से गुजरना पड़ता है। यह रास्ता ऐसा कि वाहन चालक खुद भटक जाते हैं और आबादी के कारण हादसों की भी आशंका रहता है। ग्राहक तो यहां आने से कतराने लगे हैं।
प्रतिदिन आते हैं दो दर्जन से ज्यादा ट्रक
पाली के आसपास की खदानों से पत्थर के ब्लॉक लेकर करीब तीस से ज्यादा ट्रक औद्योगिक क्षेत्र में आते हैं। प्रत्येक ट्रक-ट्रेलर में 40 से 60 टन वजन होता हैं। भारी वाहनों के लिए सीधा रास्ता नहीं होने से वे बमुश्किल पहुंच पाते हैं। पत्थर कटिंग के बाद तैयार माल भी ट्रकों से ही भेजा जाता है। उद्यमियों की परेशानी यह है कि बाहर से आने वाले ट्रक चालक यहां पहुंच ही नहीं पाते।
रिंग रोड से हो सकता है समाधान
चतुर्थ फेस औद्योगिक क्षेत्र में सीधी कनेक्टिविटी के लिए रिंग रोड बेहतर माध्यम है। कुछ सालों पूर्व रिंग रोड के लिए सर्वे भी किया था, लेकिन प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया। जोधपुर रोड को जयपुर हाइवे से जोड़ने के लिए रिंग रोड पर जल्द कदम बढ़ाने चाहिए। उद्यमियों का कहना है कि यह यह फेस ओरेंज केटेगरी का है जहां प्रदूषण रहित इकाइयां संचालित की जा सकती है। ग्रेनाइट इसी श्रेणी का उद्योग है। इस उद्योग को उबारने के लिए रिंग रोड़ का निर्माण जल्द कराया जाना चाहिए।
ठंडे बस्ते में प्रस्ताव
जोधपुर से जयपुर हाइवे को जोड़ने के लिए घुमटी से रिंग रोड़ बनाने का सब्जबाग सालों पहले दिखाया था। यह प्रस्ताव अब तक ठंडे बस्ते में पड़ा है। खदानों से ब्लॉक लेकर आने वाले भारी वाहन यहां तक आसान से नहीं पहुंच पाते। वाहन चालक खुद रास्ता भटक जाते हैं। ग्राहक भी यहां आने से कतराता है। औद्योगिक क्षेत्र की कनेक्टिविटी को सुचारू बनाया जाना चाहिए।
दीपक समदड़िया, ग्रेनाइट उद्यमी
हाइवे से जोड़ने की महत्ती आवश्यकता
ग्रेनाइट उद्योग को हाइवे से जोड़ने की महत्ती आवश्यकता है। इसके बिना ग्रेनाइट का मार्केट नहीं बढ़ सकता। अभी तो यह स्थिति है कि ग्राहक जालोर जाना ज्यादा पसंद करते हैं, क्योंकि औद्योगिक क्षेत्र में आने का सीधा रास्ता ही नहीं है। खदानों से पत्थर लेकर आने वाले ट्रक यहां तक बड़ी मुश्किल से पहुंच पाते हैं। डंपिंग यार्ड की समस्या का समाधान भी शीघ्र किया जाना चाहिए।
नीतेश सराफ, ग्रेनाइट उद्यमी
Published on:
12 Dec 2023 11:29 am
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