
घोर शीत में दुर्गम स्थलों की सैर करने निकला दल। जिसमें पाली की रितिका भी शामिल है।

घोर शीत में दुर्गम स्थलों के सफर पर पाली की रितिका सुराणा।

जंस्कार नदी पूरी तरह जमी हुई थी, उसे पार करने की तैयारी के जतन में दल।

जमी हुई जंस्कार नदी को पार करते हुए दल।

जमी हुई जंस्कार नदी को पार करने के बाद बर्फ पर ही तम्बू बनाकर रात गुजारने की तैयारी।

जमी हुई जंस्कार नदी को पार करने के दौरान इस तरह सामान खींचकर ले जाना पड़ा।

दुर्गम स्थल के अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ते हुए।

60 किमी तक जमी हुई नदी पर सफर पूरा करने के बाद तिरंगे के साथ दल।