
दक्षिण अफ्रीका व आगरा की तकनीक से पाली के उद्यमी मिटाएंगे प्रदूषण का दाग, अफ्रीका के लिए रवाना हुआ दल
पाली। ट्रीटमेंट प्लांटों [ Treatment Plant ] से निकलने वाले प्रदूषित पानी [ Polluted water ] को उपचारित करने के लिए पाली में जेडएलडी प्लांट [ ZLD Plant ] लगाया जाना है। जेडएलडी लगाने की इच्छुक तीन कम्पनियों की ओर से आगरा, अंकलेश्वर व साउथ अफ्रीका [ South Africa ] में लगाए गए जेडएलडी प्लांट का निरीक्षण करने के लिए उद्यमियों का एक दल गया। जिन्होंने आगरा में बने प्लांट का निरीक्षण किया तथा प्लांट से प्रदूषित पानी के ट्रीट होने की प्रक्रिया देखी। इस दौरान सीईटीपी [ CETP Trust ] के पूर्व सचिव विनय बम्ब, पूर्व अध्यक्ष प्रवीण कोठारी, सीइटीपी फाउंडेशन के डायरेक्टर रंगराज मेहता, संदीप मेहता, युवा उद्यमी राहुल गुप्ता, प्रांजल गोगड़ सहित कई जने उपस्थित रहे।
साउथ अफ्रीका के लिए हुए रवाना
उद्यमियों का दल नई दिल्ली से साउथ अफ्रीका के लिए रवाना हुआ। वहां वे इथोपिया के हवा और अबाबा में बने जेडएलडी प्लांट का निरीक्षण करेंगे। जिससे पाली में इसे लगाया जा सके।
एनजीटी में रिपोर्ट पेश करने की बनाई ठोस योजना
पाली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में होने वाली सुनवाई को लेकर अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग) डॉ. सुबोध अग्रवाल की अध्यक्षता में जयपुर के रीको भवन में बैठक आयोजित की गई। जिसमें राज्य सरकार की तरफ से पेश किए जाने वाले जवाब तथा प्रदूषण नियंत्रण को लेकर एक्शन प्लान को अंतिम रूप दिया गया। ट्रीटमेंट प्लांटों की कार्यक्षमता को बढ़ाने तथा बांडी नदी तथा नेहड़ा बांध में प्रदूषित पानी जाने से रोकने के लिए कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
बैठक में जिला कलक्टर दिनेशचंद्र जैन, पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा को भी बुलाया गया था, लेकिन पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव में व्यस्त होने के कारण वे नहीं जा पाए। बैठक में एनजीटी के कमिश्नर की तरफ से सीइटीपी के सुव्यवस्थित संचालन, औद्योगिक अपशिष्ट का निस्तारण, बांडी नदी तथा नेहड़ा बांध में प्रदूषित पानी को जाने से रोकने, फैक्ट्रियों में लगे स्कॉडा सिस्टम की प्रभावी मॉनिटरिंग के अलावा कमिश्नर की रिपोर्ट में उठाए गए बिंदुओं की समीक्षा कर उनको निर्धारित अवधि में ही समाप्त करने के लिए टाइम लाइन बनाई गई है।
ज्ञात रहे कि पाली के प्रदूषण को लेकर एनजीटी से नियुक्त कमिश्नर बिट्स पिलानी के प्रोफेसर अजीतप्रताप सिंह की रिपोर्ट के बाद एनजीटी के आदेश पर अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग) डॉ. सुबोध अग्रवाल भी पेश हुए थे। इसके बाद से ही प्रदूषण नियंत्रण मंडल को लेकर सरकार ज्यादा गंभीर हो गई थी। अब तक चार बैठक होने के साथ अग्रवाल खुद दो दिन तक पाली में रूककर उद्यमियों तथा अधिकारियों से प्रदूषण की स्थिति का आंकलन कर चुके है।
Published on:
22 Jan 2020 03:51 pm
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