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VIDEO : दानदाता मुहैया करा रहे सुविधा, अस्पताल प्रशासन जनरेटर तक नहीं संभाल पा रहा

-बांगड़ चिकित्सालय में सुबह 8.30 से 11.30 बजे तक बंद रही बिजली-वार्डों में मरीज गर्मी से हो गए बेहाल

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पाली

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Suresh Hemnani

Aug 20, 2021

VIDEO : दानदाता मुहैया करा रहे सुविधा, अस्पताल प्रशासन जनरेटर तक नहीं संभाल पा रहा

VIDEO : दानदाता मुहैया करा रहे सुविधा, अस्पताल प्रशासन जनरेटर तक नहीं संभाल पा रहा

पाली। बांगड़ मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में निजी अस्पताल से बेहतर सुविधाएं देने के लिए दानदाता उसकी काया पलट रहे हैं। वार्डों का नवीनीकरण कराने के साथ उनमें एसी तक लगवा दिए और अभी तक यह क्रम जारी है। दूसरी तरफ अस्पताल प्रशासन बिजली तक की व्यवस्था करने में नाकाम साबित हो रहा है। अस्पताल में गुरुवार सुबह 8.30 बजे बिजली गुल हो गई। जनरेटर शुरू ही नहीं हो सका। इस कारण अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीज और उनके परिजन गर्मी से बेहाल हो गए। अस्पताल प्रशासन ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि बिजली डिस्कॉम की ओर से काटी गई है। हालात यह रहे कि अस्पताल में लगाए सिलकोसिस के शिविर में दूर-दराज से आए मरीजों को भी बिना जांच के बैरंग लौटना पड़ा।

पुराना जनरेटर नहीं उठा सकता लोड
बांगड़ चिकित्सालय में बिजली गुल होने पर जनरेटर की व्यवस्था है। वहां लगा पुराना जनरेटर अस्पताल की बिजली का लोड नहीं उठा सका। जबकि नए जनरेटर में खराबी आ गई थी। जिस पर अस्पताल प्रशासन ने समय पर ध्यान नहीं दिया। जब गुरुवार को बिजली गुल हुई और जनरेटर नहीं चला तो मिस्त्री को बुलाकर दिखाया गया। इसके बाद उसे ठीक करने की कवायद शुरू की गई।

अस्पताल में नहीं हो सकी जांचें
अस्पताल में तकनीकी कारणों से लाइट गुल हो जाने के कारण मरीजों की जांच हो के लिए एक्स रे मशीन व सोनोग्राफी सहित अन्य जांचें नहीं हो पाई। अस्पताल के अंदर गैलरी में लोग बगैर पंखे के पसीने से तरबतर होते नजर आए। लोगों ने बताया कि सुबह 8.30 बजे से बैठे हैं, लेकिन कोई सुध लेने वाला भी नहीं है। लाइट कब आएगी इसका भी कोई पता नहीं। ऐसे में वापस अपने गांव व शहर जाने के लिए देर होने का भी सामना करना पड़ेगा।

नए जनरेटर को ठीक करवाया
बिजली सप्लाई बंद हो गई थी। नया जनरेटर लगाया है। उसके उपकरण जल गए है। पुराना अधिक लोड उठा नहीं सकता है। हमने नए जनरेटर को ठीक करवाया है। -डॉ. रफीक कुरैशी, पीएमओ, बांगड़ अस्पताल, पाली

नहीं हो सकी जांच
सिलिकोसिस शिविर में जांच के लिए आया था। यहां बिजली नहीं होने के कारण एक्सरे आदि की जांच नहीं हो सकी। आज की मजदूरी भी खराब हो गई। -गफूर, निवासी चांग गांव

अब फिर आना होगा जांच के लिए
सिलिकोसिस की जांच के लिए बांगड़ अस्पताल आया था। यहां लाइट नहीं होने के कारण जांच नहीं हो सकी। अब एक दिन फिर खराब कर वापस जांच के लिए आना पड़ेगा। -बीजाराम, निवासी रामवास, जैतारण