
Business Talk : उद्योग-धंधों को मिले सुविधा तो वंदे भारत की तरह दौड़ेगी हमारे यहां की इकोनॉमी
Business Talk : टेक्सटाइल नगरी के नाम से पहचान रखने वाले पाली के उद्यमियों को सुविधाएं और इन्फ्रास्ट्रक्चर बेहतर मिले तो पाली की इकोनॉमी वंदेभारत ट्रेन की तरह तेज रफ्तार से दौड़ेगी। रोजगार के अवसर उपलब्ध होने के साथ पाली संभाग के हर क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित हो सकते है। यह कहना है पाली के उद्यमियों और व्यापारियों का। पाली जो प्रदूषित शहर के रूप में जाना जाता था, आज उद्यमियों के साथ प्रशासन व सरकार के सहयोग से उस दाग को काफी हद तक धो चुका है। अब जरूरत है संभाग स्तरीय विकास की। जिसके लिए पहली जरूरत बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर की है। उद्योगों के लिए नई नीति और व्यवस्था की है, जिससे यहां नए उद्योग पनपे और उद्यमी उनमें निवेश करें।
सौर ऊर्जा को मिलना चाहिए बढ़ावा
पाली, जोधपुर व बालोतरा टेक्सटाइल के क्लस्टर है। यहां लेब व रिसर्च सेंटर होना चाहिए। सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देना चाहिए। उसमें जगह की कमी को पूरा करने के लिए एक भूमि प्रदान की जानी चाहिए। जिस पर उद्यमी सोलर प्लांट लगाए और उस बिजली का उपयोग कर सके। एज्युकेशन में पाली काफी पीछे है। यहां शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज के साथ अन्य शिक्षण संस्थान व विश्वविद्यालय होना चाहिए। पर्यावरण को बेहतर करने के लिए ग्रीन जोन विकसित किया जाना चाहिए। टेक्सटाइल के पानी ट्रीट करने की देश में एक नीति होनी चाहिए। - अरुण जैन, सीइटीपी
आधारभूत सुविधाओं की कमी
हमारे यहां आधारभूत सुविधाओं का अभाव है। उद्यमी को छोटी-छोटी स्वीकृति के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। थर्मल सोलर तकनीक के विकास की तरफ कदम बढ़ाया जाना चाहिए। एग्रीकल्चर के साथ नए उद्योग लाने का प्रयास होना चाहिए। यहां फूड इंडस्ट्री की काफी संभावनाएं है। सिंगल विंडो सुविधा मिलनी चाहिए। उद्योगों की जटिलता को कम करना चाहिए। - कमलेश जैन, उद्यमी
हैण्डीक्राफ्ट के काफी अवसर
पाली में हैण्डीक्राफ्ट बिजनेस के काफी अवसर है। एग्रीकल्चर में काफी संभावनाएं है। इसके लिए यहां एग्रीकल्चर कॉलेज खोला जा सकता है। खारे पानी में होने वाली फसलों को बढ़ावा देने का प्रयास होना चाहिए। इससे यहां की अधिकांश खारे पानी की भूमि का उपयोग होगा और किसान समृद्ध होने के साथ रोजगार के अवसर मिलेंगे। - नरेन्द्र माछर, व्यापारी
डम्पिंग यार्ड तक नहीं
पाली में ग्रेनाइट इंडस्ट्री लगने के समय यहां 100 इकाइयां थी। आज उनकी संख्या बढ़ने के बजाय घटकर 25 के पास आ गई है। उसकी स्लज का निस्तारण करने का प्रबंध तक आज तक नहीं हुआ है। बिजली की दरों व सरचार्ज के नाम पर उद्योगों को पीछे धकेला जा रहा है। सरकारी मदद नहीं मिलती है। - अम्बालाल मेवाड़ा, ग्रेनाइट उद्यमी
योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं
पाली में कार्य की स्वीकृति होने पर भी पूरे नहीं होते है। निम्बाड़ा हाइवे नहीं बना। गोल निम्बड़ा से स्वीकृत हाइवे भी नहीं बन सका। इस नीति को त्याग कर उद्योग विकास के लिए नीतियों को सरल व इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूर किया जाना चाहिए। - प्रमोद तोषनीवाल, ग्रेनाइट उद्यमी
कृषि मण्डी का हो विकास
पाली में कृषि मण्डी है, लेकिन वह विकसित नहीं है। मंडी में फसल भी बहुत कम आती है। मंडी विकसित की जानी चाहिए। इससे किसानों के साथ ही व्यापारियों को फायदा मिलेगा। - विनोद पित्ती, किराणा व्यवसायी
पर्यटन से बढ़ेगा व्यापार
शहर के साथ जिले में पर्यटन को बढ़ावा देना चाहिए। संभाग बनने से अब इसकी बहुत जरूरत है। इससे व्यापार भी बढ़ेगा और रोजगार भी। -अशोक अग्रवाल, अध्यक्ष, जनरल मर्चेंट एसोसिएशन
लकड़ी से हटे प्रतिबंध
का कहना था कि चूड़ी उद्योग में लकड़ी का उपयोग जरूरी है। उससे प्रतिबंध हटना चाहिए। इस उद्योग के विकास के लिए भी नई तकनीक और अन्य सुविधाएं मिलनी चाहिए। - नसरुद्दीन चूड़ीगर, अध्यक्ष, चूड़ी एसोसिएशन
इन्होंने भी दिए सुझाव
चूड़ी एसोसिएशन सचिव असलम खैरादी, चूड़ी व्यवसायी रियाज अहमद, औद्योगिक क्षेत्र अध्यक्ष शांतिचंद गुलेच्छा, मनीष पोरवाल, राजेन्द्र दौसी व अभिनव भंसाली ने उद्योग विकास के लिए पर्यटन को बढ़ावा देने, उद्योगों के लिए सोलर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ अन्य सुझाव दिए।
यह होना चाहिए शहर में
-शहर में वॉकिंग ट्रेक बनाया जाना चाहिए।
-ओपन जिम बेहतर सोच का परिणाम है, लेकिन उसका रखरखाव नहीं है। उसे दुरुस्त किया जाना चाहिए।
-ऑडिटोरियम व स्पोर्ट्स कॉप्लेक्स बनाया जाना चाहिए।
-24 घंटे पेयजल आपूर्ति की पाइप लाइन शहर में फेल है। उसमें सुधार की जरूरत है।
-शहर के पास जंगल की तरफ दिखने वाला ग्रीन जोन विकसित किया जाना चाहिए।
-टेक्सटाइल प्रशिक्षण केन्द्र बनाया जाना चाहिए।
-शिक्षा के इन्फ्रास्ट्रक्चर को विकसित किया जाना चाहिए।
Published on:
26 Aug 2023 10:21 am
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